सावधान! पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान पर, पंजाब और कांगड़ा के निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी

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ब्यास नदी के किनारों पर न जाएं मंड क्षेत्र के बाशिंदे, 1 ही दिन में आठ फीट बढ़ गया पौंग बांध का जलस्तर, 1410 फीट पानी झील में किया जा सकता है स्टोर, 1360 के बाद छोड़ दिया जाता है

नगरोटा सुरियाँ – निशा ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में स्थित पौंग बांध जिसे महाराणा प्रताम सागर के नाम से भी जाना जाता है, इसका जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में प्रशासन ने जिला कांगड़ा के फतेहपुर व इंदौरा विधानसभा क्षेत्र सहित पंजाब के लिए अलर्ट जारी किया है।

स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ब्यास नदी के साथ लगते मंड क्षेत्र के बाशिंदे नदी के किनारे पर न जाएं। एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती ने कहा कि पंडोह बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। पौंग बांध का जलस्तर मंगलवार शाम 1338 फीट पार कर गया। बांध में 1,04,432 क्यूसिक पानी आ रहा है और 3838 क्यूसिक छोड़ा जा रहा है।

जिला मंडी के पंडोह बांध से पानी छोड़ने के कारण एक ही दिन में पौंग झील का जलस्तर आठ फीट बढ़ गया है। पौंग झील में 1410 फीट तक पानी स्टोर करने की क्षमता है। 1390 फीट को खतरे का निशान घोषित किया है। 1360 फीट के बाद झील के मुख्य गेट को खोल कर पानी छोड़ना शुरू कर दिया जाता है।

एसडीएम ने कहा कि झील में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रे, स्थाना, रियाली व टैरेस में बीबीएमबी ने हूटर  (आर्ली बार्निंग सिस्टम) लगाए हैं, जो कि पानी छोड़ने से पहले बजने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने लोगों से हर समय सतर्क रहने की अपील की है। कहा, प्रशासन के आदेशानुसार बीबीएमबी की ओर से टरबाइनों के माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है।

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