
व्यूरो, रिपोर्ट
राज्य बिजली बोर्ड को करीब डेढ़ करोड़ का चूना लगाने वाले कनिष्ठ अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (एसडीओ) पर आपराधिक मामला दर्ज होगा। बिजली बोर्ड के निदेशक मंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। कुल्लू में एक निजी कंपनी को गलत कनेक्शन देने और बिल न लेने पर बोर्ड को करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है।
इसी मामले में चीफ इंजीनियर बनने जा रहे तत्कालीन अधिशासी अभियंता जो अब अधीक्षण अभियंता के पद पर तैनात हैं, उन्हें सस्पेंड किया जाएगा। तत्कालीन चीफ इंजीनियर की कार्यप्रणाली को लेकर बोर्ड के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा रामसुभग सिंह आने वाले दिनों में फैसला लेंगे।
मामले के अनुसार वर्ष 2014 में कुल्लू की एक निजी कंपनी को एचटी लाइन से गलत तरीके से कनेक्शन दिया गया था। वर्ष 2016 में इसकी जांच शुरू हुई। जांच कमेटी ने वर्ष 2018 में रिपोर्ट सौंप दी। बीते तीन वर्षों में इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीते दिनों विधानसभा के बजट सत्र में भी यह मामला उठा था।
इसी कड़ी में मंगलवार को बोर्ड अध्यक्ष रामसुभग सिंह की अध्यक्षता में हुई निदेशक मंडल की बैठक में दोषी अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने और सस्पेंड करने का फैसला लिया गया। निदेशक मंडल ने फैसला लिया कि कनेक्शन देने संबंधी फाइल किसने देखी।
इस फाइल को किसने मंजूरी दी। किस अधिकारी की किस स्तर की संलिप्तता है। इन सभी बिंदुओं को देखकर आने वाले दिनों में कार्रवाई के आदेश जारी किए जाएंगे।
