बिलासपुर – सुभाष चंदेल
जिला बिलासपुर के अंतर्गत थाना घुमारवीं क्षेत्र के अंतर्गत कोटलु गांव में गुरुवार को एक विशेष समुदाय द्वारा शव को कब्रिस्तान में हिंदू घरों के नजदीक दफनाने पर ग्रामीणों ने जमकर विवाद हुआ। मामले की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाबुझा कर मामला शांत कराया और शव को दूसरी जगह दफना दिया गया।
ग्रामीणों में राजकुमार शर्मा, करमचंद, प्रवीण कुमारी, उर्मिला देवी, सुनीता देवी, विद्या देवी, रोशन लाल, मनोहर लाल, सुंदर राम, जगदीश कुमार, कंचन माला देशराज राकेश सुरेश प्रीतम वचित्र सिंह सहित लगभग 60 ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह पर शव को दफनाया गया वह सरकारी भूमि है और उनके घरों के बिल्कुल साथ में है, जिसे उन्होंने विरोध किया, लेकिन दूसरे समुदाय के लोग गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए।
पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण उन्होंने शव को सरकारी भूमि पर दफना दिया गया, जबकि उनका कब्रिस्तान के लिए जगह मुहैया करवाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशष समुदाय द्वारा जानबूझकर माहौल को खराब करने के उद्देश्य से शव को उनके घरों के साथ में सरकारी भूमि पर दबाया गया है। शव को जबरन दफनाने के मामले में लोगों द्वारा पुलिस को सूचित किया गया।
दोनों पक्षों में तनाव जैसे हालात बन गए है। मौके पर पंचायत को भी बुलाया गया। काफी देर तक विवाद चलने के उपरांत मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बाद में अपनी जमीन बताकर सरकारी भूमि में शव दफना दिया गया। लोगों ने बताया कि जिस जमीन पर शव दफनाया गया है, वह राजस्व विभाग में वन विभाग की जमीन है। लोगों ने इसकी शिकायत उपमंडल अधिकारी घुमारवीं वन विभाग घुमारवीं को कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
वन खंड अधिकारी संजीव कुमार के बोल
वन विभाग के वन खंड अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि वह मौके पर जाकर उचित कार्रवाई करेंगे। जमीन की निशानदेही लेकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

