
गुरमुख सिंह- रियाली/फतेहपुर
आजादी के 70 वर्ष बीत जाने के दौरान कई सरकारें आई व कई सरकारें गई लेकिन नहीं बदला तो एक परिवार का दर्द जो 70 वर्ष से आज भी मायूसी भरे आलम में सर्द रातें बिना किसी सहारे के गुजार रहा है। सरकार लाखों दावे कर ले कि आज के समय में व्यक्ति को 3 मूलभूत आवश्यकताएं बिजली, पानी और मकान सरकार द्वारा दिया जा रहा है लेकिन इसे विडंबना ही माने की एक परिवार ऐसा भी है जो इन तीनों सुविधाओं से मेहरूम है।
Exif_JPEG_420यह परिवार फतेहपुर विधानसभा के अंतर्गत पढ़ती पंचायत ग्राम पंचायत रियाली के बेला लुधियाड़चा का है जिसमें एक विधवा जिसका नाम प्रीतम कौर है व अपने एक बेटे के साथ टूटी फूटी झोपड़ी जोकि खडकाना से बनी हुई है उसमें अपने जीवन के पल गुजार रही है।
सुविधाओं के नाम पर इस झोपड़ी में शिवाय चूल्हे के शायद ही कोई चीज और मिल जाए, जिस घर में आज तक रोशनी के लिए भी दिए की रोशनी टिम टीमा रही हो उस घर में टीवी फ्रिज वॉशिंग मशीन रेडियो आदि का होना तो मात्र काल्पनिक वस्तुएं हैं पीने के नाम पर व्यास नदी है जिसमें रोज सुबह इस अभागी मां को घड़ा लेकर के भरकर लाना पड़ता है।
सर्द रातों में मात्र अलाव के सहारे यह परिवार अपनी जिंदगी काट रहा है इस संबंध में ग्राम पंचायत प्रधान उर्मिला देवी से जब बात की गई उन्होंने बताया परिवार बीपीएल कार्ड धारक है और जब भी उन्हें कोई मकान संबंध में आदेश प्राप्त होंगे तो बहुत परिवार की हर संभव सहायता करने की कोशिश करेंगे।
