सिरमौर – नरेश कुमार राधे
गिरिपार क्षेत्र के एक और वीर सपूत ने मां भारती की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। जम्मू-कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के ग्रेनेडियर कपिल की शहादत के बाद, शनिवार सुबह उनकी पार्थिव देह पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव के लिए रवाना हुई। इस दौरान समूचा क्षेत्र ‘शहीद कपिल अमर रहे’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में तैनात ग्रेनेडियर कपिल एक सड़क हादसे के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद वह सैन्य अस्पताल देहरादून में उपचाराधीन थे। 22 जनवरी को उपचार के दौरान जवान कपिल ने अंतिम सांस ली थी।
शनिवार तड़के जैसे ही शहीद की पार्थिव देह पांवटा साहिब पहुंची, वहां मौजूद भूतपूर्व सैनिक संगठन (पांवटा-शिलाई क्षेत्र) और सैन्य टुकड़ी ने नम आंखों से उनका स्वागत किया। संगठन के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने वीर जवान की देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
शहीद की अंतिम यात्रा पांवटा साहिब से एक विशाल काफिले के रूप में उनके पैतृक गांव पटना (डाकघर बिंडला-दिगवा, तहसील शिलाई) के लिए रवाना हुई। शनिवार को शहीद कपिल का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
क्षेत्र के युवाओं और पूर्व सैनिकों में अपने वीर जवान की शहादत पर गर्व और बिछड़ने का गहरा दुख साफ देखा जा रहा है। इस दुःखद अवसर पर भूतपूर्व सैनिक संगठन ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
ये रहे उपस्तिथ
श्रद्धांजलि देने वालों में संगठन के सलाहकार विरेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष रामभज धीमान, मीडिया प्रभारी जगदीश, नरेन्द्र ठुंडू, संतराम चौहान, मामराज, नेतर, स्वर्णजीत, दिनेश, सुखविंदर, सुनील, अब्दुल, दीपचंद, राकेश और संत सिंह सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति और पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

