बकलोह – भूषण गुरुंग
कल सुबह से ही बकलोह के शिव नागेस्वरधाम मंदिर को कृष्ण जन्माष्टमी के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया था। मंदिर के अंदर बाल लड्डु गोपाल जी को पालने में बिठाकर कर रख दिया गया था और पालने को चारों और फैंसी लाइट से सजाया गया था।
जैसे ही शाम होने को आई तो गॉव कि सभी महिलाओं औऱ लड़कियों जिस ने व्रत लिये हुय थे वो सभी मंदिर में एकत्ररित होने शुरू हो गए औऱ अपने पूरे पूजा के सामान के साथ ठीक 7 बजे के करीब मंदिर परिसर में एकत्रित होना शरू हो गए।

उसके बाद पंडित के द्वारा सभी महिलाओ को पूजाअर्चना करवाई गई। बाद में सभी ने मिलकर सुबह 5 बजे भजन कीर्तन किया गया औऱ ठीक रात के 12 बजे जैसे श्री कृष्ण के जन्म हुआ तो उनका स्वागत पटाको औऱ फूल झड़िया जला कर और केक काटा कर किया गया।
महिलाओ ने खुद डाडी नृत्य भी किया। रात भर महिलाएं कृष्ण के भजनों में झूमते हुय नज़र आए। सुबह 5 बजे आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया और सभी अपने अपने घरों की और चल दिये।

भजन कीर्तन के साथ अंचल भटियात में मनाया गया श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, अंचल भटियात के स्थान डगोह में मनाया गया जन्माष्टमी उत्सव।
कार्यक्रम में अंचल भट्टीयात की ग्राम स्वराज प्रमुख कंचन संच प्रमुख सुनीता संच व्यास सुंदरी व संच तारावस्नी की सभी आचार्य व समिति उपस्थित रही। भजन कीर्तन के साथ पूरे गांव में भजन कीर्तन करते कृष्ण राधा की झांकी भी निकाली गई।

वही ककीरा बकलोह कुमलाड़ी, चिलामा, औऱ घटासनी में भी बहुत ही धूमधाम के साथ कृष्ण जन्माष्टमी बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया गया।

