
शाहपुर – नितिश पठानियां
विधानसभा क्षेत्र शाहपुर के डढम्ब में बाबा अंबडेकर भवन में आज आयोजित अनुसूचित जाति संगठन के सम्मेलन में मुख्यातिथि के रूप प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया में शिरकत की। पठानिया के सम्मेलन में पहुचने पर अनुसूचित जाति संगठन के पदाधिकारियों एव सभी सदस्यों ने जोरदार स्वागत किया और शाल टोपी पहनाकर सम्मानित किया।
अनुसूचित जाति संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति का बर्ग तन मन से काँग्रेस पार्टी के साथ कंधे से कंधे मिला कर खड़ा है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति बर्ग को अगर पैरों पर खड़ा किया और इस बर्ग का उत्थान किया तो कांग्रेस पार्टी ने ही किया है। इस बर्ग का ख्याल अगर रखा तो कांग्रेस प्रतिनिधि केवल सिंह पठानिया ने रखा।
पिछली पूर्व की कांग्रेस सरकार में गरीब लड़कियों की शादी के लिएओर गरीब बर्ग के लोगो को बीमारी के लिए भी मुख्यमंत्री राहत कोष से अनुदान राशी बिना बिधायक बिना मंत्री के दिलवाई। पठानिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अनसूचित जाती के बर्ग का हमेशा ख्याल रखा। पठानिया ने कहा कि मौजूदा सरकार ने अनुसूचित जाति का बजट को पूरा खर्च ही नही कर पाई है।
आज भाजपा सरकार की मंत्री और स्थानीय बिधायिका ने अनुसूचित जाति के बर्ग के लिए जो अबास योजना सरकार की तरफ से जो लाभ मिलता है बो पात्र लोगो को छोड़ कर भाई भतीजा बाद चला कर अमीर लोगो को लाभ दिया जा रहा है।जिससे अनुसूचित जाति के पात्र लोग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है।
पठानिया ने कहा कि मौजूदा स्थानीय बिधायिका एव मंत्री स्वेत पत्र जारी करे की पांच बर्षो में विधानसभा शाहपुर के अनुसूचित जाति के कितने लोगों को आवास योजना के तहत कितने घर दिए और क्या क्या लाभ दिया।ओर किन किन लोगों को दिए।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर ब्लॉक् कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत राणा, अनुसूचित जाति संगठन के ब्लॉक् काँग्रस अध्यक्ष सुभाष चंद,मास्टर बंसी लाल,प्रभात सिंह,जोगिंदर सिंह,पूर्व bdc गगन सिंह,पूर्व जिला परिषद सदस्य संजय कुमार,प्रधान निशा देवी,अनिता देवी,प्रीतम सिंह,सुषमा देवी,संजू कुमार,चुहडू राम,अमर सिंह,संजीत कुमार,कान्ता देवी,पूनम लता, सत्या देवी,काली दास, नसीब सिंह,कविता देवी,सुमना देवी,मेघना ,निर्मला देवी,सुदर्शना देवी पंचायत समिति,एडवोकेट निशा भाटिया,ज्ञातो देवी,करतार चंद,बिधि चंद,आकाश, रेणु,कोमल,रमना देवी,कविता देवी,आदि गणमान्य ब्यक्ति मौजूद थे।
