
परागपुर – आशीष कुमार
विकास खंड परागपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत लग में बुधवार को ग्रामसभा का आयोजन प्रधान देवराज की अध्यक्षता में हुआ। इसमें बीपीएल सूची की समीक्षा के दौरान एक वार्ड पंच ने उसका नाम बीपीएल सूची में दर्ज करने को लेकर हंगामा किया। पंचायत सचिव ने कहा कि ग्राम पंचायत पदाधिकारियों के नाम बीपीएल सूची में शामिल नहीं किए जा सकते हैं।
पंचायत की ओर से बैठक में अंत्योदय सूची से 18, जबकि बीपीएल से संबंधित 34 परिवारों के नाम सूची से हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। पंचायत को बीपीएल मुक्त घोषित कर दिया गया।
जिन बीपीएल परिवारों के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने पंचायत के निर्णय को अनुचित ठहराते हुए प्रशासन से इस प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की है। इन परिवारों का कहना है कि वे इस संदर्भ में एसडीएम देहरा से शिकायत करेंगे।
उपप्रधान के बोल
उपप्रधान सुरेश कुमार ने विरोध जताते हुए कहा कि कई बीपीएल परिवारों ने मल्टी टास्क वर्कर की भर्ती के लिए आवेदन किया है। उन्हें हाल ही में पंचायत की ओर से बीपीएल के प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। पंचायत क्षेत्र में अति निर्धन परिवार मौजूद हैं जो कि अंत्योदय और बीपीएल सूची में दर्ज थे। कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर निर्धन परिवारों के नाम काटना अनुचित है।
पंचायत सचिव के बोल
पंचायत सचिव विपिन शर्मा से ने बताया कि ग्राम सभा में उपस्थित सदस्य पंचायत को बीपीएल मुक्त घोषित करने की मांग कर रहे थे। सभी ने बीपीएल मुक्त प्रस्ताव का समर्थन किया।
प्रधान के बोल
प्रधान देवराज ने बताया कि बीपीएल सूची में कई लोग 20-25 साल से दर्ज हैं। ग्राम सभा सदस्यों का कहना था कि जिन परिवारों को बीपीएल का लाभ मिल चुका है।
खंड विकास अधिकारी के बोल
वहीं खंड विकास अधिकारी कंवर सिंह ने कहा कि यदि शिकायत आई तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मल्टी टास्क वर्कर के लिए जारी बीपीएल प्रमाण पत्रों पर उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्र मान्य होंगे। क्योंकि यह फैसला बाद का है।
