
धर्मशाला- राजीव जसबाल
वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि भाजपा में न मुख्यमंत्री बदलेंगे और न ही मंत्रिमंडल में किसी तरह का उलटफेर होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के गलियारों में चर्चा चल रही है कि उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मुख्यमंत्री को बदलने की कवायद चल रही है, लेकिन यह महज अफवाह है। भाजपा सरकार में सब कुछ सही है।
पठानिया ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। पठानिया ने कहा कि जनता का फैसला उनकी पार्टी को स्वीकार है। उपचुनावों में हुई हार का पार्टी का शेष नेतृत्व शिमला में 24 से 26 नवंबर तक बैठेगा और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
वन मंत्री ने कहा कि 25 हेक्टेयर जमीन सीयू के लिए स्वीकृत की जा चुकी है। जियोलॉजिकल सर्वे की टीम के 10 दिन के सर्वे के बाद 75 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले बाकी के परिसर की एफसी केस पर कार्रवाई शुरू होगी। एफसी केस डेढ़ महीने के अंदर खत्म कर सीयू का काम शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे।
कांगड़ा में बड़े एयरपोर्ट को लेकर सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। पांच दिसंबर को मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। खुर्दरा दरर्तखान (पेड़कटान) को लेकर उन्होंने कहा कि इस योजना को 10 साल से कम कर 5 साल करने पर कार्य किया जा रहा है।
कांगड़ा, ऊना तथा हमीरपुर के हजारों जमींदार इस योजना से प्रभावित होंगे। वनमंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि नगर निगम में रिक्त चल रहे एक्सईएन, एसडीओ व अन्य पदों को लेकर गुरुवार को बैठक की जा रही है तथा शीघ्र ही रिक्त पद भरे जाएंगे।
कांगड़ा में जल्द लांच होगी 12 मासी आम की योजना
कांगड़ा में आम के हाइब्रिड प्रजाति उत्पादन को लेकर काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार शीघ्र 12 मासी आम की योजना कांगड़ा में लांच करेगी। इस पर पौने दो साल से काम किया जा रहा है। इस आम की प्रजाति में साल में दो बार आम पैदा होता है।
उन्होंने बताया कि इस आम की एक खासियत यह है कि साधारण आम की तुलना में इस आम के 40 से 50 पेड़ एक कनाल जमीन पर लगाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस आम प्रजाति की जमीदारों को जानकारी दी जाएगी। इससे जमीदारों की आय में कई गुना बढ़ोतरी होगी।
एफसीए, एफआरए खत्म करने के लिए दायर करेंगे याचिका : पठानिया
वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि 9 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में एफसीए और एफआरए के मामलों को लेकर एक सुनवाई है। इस दिन सरकार सुप्रीम कोर्ट में एफसीए और एफआरए को खत्म करने के लिए याचिका दायर करेगी। कहा कि एफसीए और एफआरए के चलते कई विकास कार्य लंबित हो जाते हैं। विकास को गति देने के लिए एफसीए और एफआरए को खत्म करने के लिए कोशिश कर रहे हैं।
