लोगों की समस्याओं को निपटाना हिमाचल सरकार की प्राथमिकता – कर्नल शांडिल
कण्डाघाट – आरपी ठाकुर
प्रदेश के लोगों की समस्याओं को निपटना हिमाचल सरकार की प्राथमिकता है। जन समस्याओं को निपटाने के उद्देश्य से सरकार ने ‘ सरकार गाँव के द्वार ‘ कार्यक्रम शुरू किया है यह बात रविवार को प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ कर्नल धनीराम शांडिल ने चायल में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में लोगों की 39 शिकायतों और 26 मांगे सुनने के बाद अपने सम्बोधन में कही l
उन्होंने कहा कि सरकार ने जो भी वायदे किए हैं उसे चरणबद्ध पूरा किया जाएगा l इस कड़ी में सरकार ने ओपीएस कि बहाली कर दी हैं l
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति की कमी नहीं जिसके कारण यंहा पर्यटन की आपार संभावना हैं l इसका दोहन करके प्रदेश समृद्ध प्रदेश बनेगा l
कर्नल शांडिल ने कहा कि बारिश से आई प्राकृतिक आपदा से प्रदेश में जान माल कि हानि हुई हैं उससे उभरने के लिए सरकार भरसक प्रयास किया हैं और केंद्र सरकार से भी अधिक सहायता कि जरूरत हैं l
प्रदेश सरकार ने आपदा राहत को बढ़ाते हुए मकान क्षतिग्रस्त होने पर सात लाख सहायता गौशाला और आंशिक क्षति में राहत राशि बढ़ाई हैं
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों को सुदृढ़ करके रिक्त पदों को सृजित कर रही हैं l उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्टाफ कि कमी को पूरा करने के लिए सरकार शीघ्र ही कदम उठाएगी l
उन्होंने चायल पहुँचने पर विभागों कि प्रदर्शनी का अवलोकन किया,
उपस्थित जनसमुदाय को नशा विरोध करने की शपथ दिलाई, आईसीडीएस के कई लाभार्थियों को गोद भराई, अन्न परेशन , 6 पात्र परिवारों को मकान बनाने की पहली किश्त सहित कई विभागों की योजनाओं के पात्रों को प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज प्रदान किए l
ये रहे उपस्थित
इस मौक़े पर एसडीएम कण्डाघाट सिद्धांर्थ आचार्य, विभागों के जिला और ब्लॉक स्तर के विभागाध्यक्ष और कर्मचारी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सोलन जे अध्यक्ष संजीव ठाकुर , उपाध्यक्ष इंद्रसिंह, सुरेन्द्र कुमार वरिष्ठ कांग्रेस नेता मदन वर्मा , कई पार्टी पदाधिकारी, कई पंचायतों के वर्तमान और पूर्व प्रधान पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्तियों और बड़ी संख्या में सोलन जिला के कण्डाघाट ब्लॉक और शिमला जिला की जुन्गा उपतहसील के ग्रामीण उपस्थित रहे l

