
ज्वाली – शिबू ठाकुर
उपमंडल ज्वाली के अधीन आजादी के 74 साल बीत जाने पर भी यहां के लोग गुलामी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं, सिद्धपुरघाड, झलूं, भाटी संपर्क मार्ग की जो लोक निर्माण विभाग ज्वाली व प्रदेश सरकार के नुमाइंदों की अनदेखी के कारण यह मार्ग अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है।
पिछले कई सालों से इस संपर्क मार्ग की खस्ताहाल के चलते सिद्धपुरघाड़ , झलूं, भाटी, इन गांवों की करीब 1500 आबादी को आज भी 11 नंबर गाड़ी से अपने घर पहुंचना पड़ रहा है।
बुद्धिजीवियों का कहना है, सड़क बनाने के लिए उन्होंने विभाग से कई बार संपर्क किया है लेकिन अभी तक विभाग ने इस सड़क की सुध तक नहीं ली। सड़क ना होने से अगर गांव में कोई बीमार पड़ता है, तो मरीज़ को कंधों पर या पालकी पर उठाकर मेन सड़क तक पहुंचाया जाता है।
आज तक इस गांव के लोगों ने अपने गांव में एंबुलेंस तक नहीं देखी और जब गैस खत्म हो जाती है, तो मजबूरन गैस का सिलेंडर भी सर पर उठाकर तीन किलोमीटर दूर लाना पड़ रहा है।
वहीं बुद्धिजीवियों ने विधानसभा प्रोटेम अध्यक्ष चौधरी चंन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और लोकनिर्माण विभाग ज्वाली से गुहार लगाई है कि इस मार्ग को सही किया जाए ताकि हम परेशानी ना झेलनी पड़े।
ज्वाली अधिशाषी अभियंता के बोल
लोक निर्माण विभाग ज्वाली के अधिशाषी अभियंता जगतार सिंह ने कहा कि बजट का अभाव होने के कारण मार्ग पक्का नहीं हो पाया है।
