
दुराना – राजेश कुमार
कर्मचारियों की तर्ज पर विधायकों को भी लगातार दो बार जीतने एवं कम से कम दस साल तक विधायक के रूप में कार्य करने के उपरांत ही सीमित पैंशन देने का विल आगामी विधानसभा मानसून सत्र में लाया जाने की मांग करते हुए पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान साधू राम राणा ने कहा कि
प्रथम बार चुनाव जीतने के उपरांत कुछ विधायक जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरते हैं और अधिकांश समय जनता से दूरी बनाए रखते हुए अथाह वेतन-भत्तों सहित पैंशन योजना का लाभ प्राप्त करते हैं ।
जबकि अधिकतर विधायकों की मानसिकता पांच साल उपरांत पैंशन लेना ही विकास समझ लिया जाता है जोकि लोकतंत्र में समाजसेवा के नाम पर जनता से बहुत बड़ा विश्वासघात है।
अतः विधायकों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने केलिए पैंशन प्राप्ति केलिए कम से कम विधायक के रूप में लगातार दस वर्ष तक कार्य करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए ।
ताकि विधायक शुरू से पूरी लगन से लोगों के विकास संबंधी कार्यों को करने में रुचि लेते हुए जनता के बीच रहने के लिए बाध्य हो सकें।
क्योंकि कर्मचारियों की पुरानी पैंशन योजना में भी पैंशन प्राप्ति के लिए कम से कम दस वर्ष तक का लगातार सेवाकाल निर्धारित किया गया है।
अतः कमचारियों की तर्ज पर विधायकों पर भी पैंशन को लेकर दस वर्ष का सेवाकाल निर्धारित करने की पुरजोर मांग सरकार सहित समस्त विधायकों से की जाती है ताकि समाजसेवा सहित राजनीति एवं वित्तीय व्यवस्था का सुधारीकरण हो सके।
