नेता संवेदनशील होकर कहते हैं कि शहादत की कुर्बानी बेकार नहीं जायेगी, सैनिक वीर नारियों की पैन्शन में जमींन आसमान का अंतर, नेताओं के बोल अखबारों और घोषणाओं तक सीमित, सैनिक वीर नारी को 13 हजार से 18 हजार और अधिकारीगण की वीर नारी को 72 हजार पैन्शन इतना भेदभाव क्यों–?जेसीओ-जवान के साथ भी ऐसा ही भेदभाव, अन्याय व पक्षपात हुआ है इन्सानियत शर्मसार है सबकुछ सामने है।
बिलासपुर, ७ मई – सुभाष चंदेल
हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण एंव विकास समिति अध्यक्ष व युनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन संयुक्त मोर्चे के वाईस चेयरमैन और जिला प्रभारी वैटरन कैप्टन बालक राम शर्मा बिलासपुर के वैटरन सैनिकों से वर्चुअल मीटिंग करके जम्मू-कश्मीर के पुंछ राजौरी में अंतकी मुठभेड़ में हमारे पांच जवान सर्वोच्च बलिदान देकर शहादत दे दी।
जिसके हमारे जिला बिलासपुर व हिमाचल प्रदेश के वैटरन सैनिकों की तरफ से सर्वोच्च बलिदानियों को अश्रुपुर्ण श्रध्दांजलि अर्पित करते हैं और दो मिन्ट की शान्ति मौन रखकर परमात्मा उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे अपने चरणों स्थान दे तथा सर्वोच्च बलिदान देने वाले परिवारों को इस दु:खद घड़ी में सहनशक्ति प्रदान करे।

वैटरन सैनिक समिति अध्यक्ष ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ राजौरी इलाके में आतंकियों से साथ हुई मुठभेड़ में देव भूमि हिमाचल के दो जवान सर्वोच्च बलिदान के साथ शहादत देकर शहीद होने पर बेटियों के सिर से पिता का साया उठ चुका है और संघर्षपूर्ण जीवन यापन करने को मजबूर हुए।
आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में शहीद हुए सिरमौर के वीर सपूत प्रमोद नेगी की पार्थिव देह जैसे ही पांवटा साहिब पहुंची तो लोगों ने प्रमोद नेगी अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगाते हुए आंखों से आंसु साफ साफ झलकते दिखाई दिये।
पार्थिव देह को भावभीनी श्रद्धांजलि देने के लिए गोविंद घाट बैरियर पर हजारों लोग पहुंचे आज उनके पैतृक गांव में सेना ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
प्रमोद पैराट्रूपर थे जो 9 पैरा रेजिमेंट में 2017 में भर्ती हुए थे वह अपने पीछे माता तारा देवी, पिता देवेंद्र नेगी छोटा भाई नितेश नेगी और बड़ी बहन मनीषा को छोड़ गए हैं।
प्रमोद नेगी दो साल से देश की सुरक्षा के लिए स्पेशल फोर्स में तैनात थे करीब 6 वर्ष पूर्व भारतीय सेना में भर्ती हुए थे उल्लेखनीय है कि मिशन पर जाने से कुछ घंटे पहले शहीद बेटे प्रमोद नेगी ने फोंन पर अपनी माता से बात की थी।
प्रमोद ने कहा था- मां…। जरूरी मिशन पर जा रहा हूं। हो सकता है कि 10 दिन मोबाइल बंद रहे पर चिंता न करना जल्द मिशन फतह कर लौटूंगा ।
वीरवार रात करीब साढ़े 11 बजे पांच से सात मिनट की बातचीत में प्रमोद ने अपने माता-पिता का हालचाल पूछा और पिता से भी कुछ देर बात की अगले ही दिन साढ़े 12 बजे के आसपास परिजनों को बेटे की शहादत की खबर मिली तो सुध-बुध खो बैठे पूरा इलाका गमगीन है।
समिति अध्यक्ष ने कहा की देश भर में सारी घटनाक्रम की चर्चा हो रही इससे पहले भी भारतीय सेना के पुंछ राजौरी में पांच जवानों शहादत दी थी।
जिनके वर्दी पहने शरीर चीथड़े होकर ब्लास्ट से जले थे क्या हालत होती है कोई इन्सानियत का ज़मीर कहीं जिंदा हो तो किसी के आंसू नहीं रुक सकते।
केन्द्र सरकार व रक्षा मंत्रालय ऐसे सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के साथ हमेशा खड़ी होने का दावा करती है। देश के वैटरन सैनिक के साथ हुए अन्याय और भेदभाव को कैसे देखती इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है।
दिल्ली जंतर-मंतर पर अपने हक़ों के धरना-प्रदर्शन कर रहे वैटरन सैनिकों की आवाज को नहीं देख रही और ना ही सुन रही केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और न कोई नुमाइंदा बातचीत के आया और न कोई शुद्धबुद्द ली।
बड़े आफ़सोस की बात है ऐसा लगता है कि इन्सानियत का ज़मीर खत्म हो चुका है। वैलफेयर सम्बन्धित विषय पर केंद्र सरकार व रक्षा मंत्रालय बिल्कुल गंभीर नहीं ऐसा क्यों—? क्या ये शहादतों स्वंतना व संवेदना तक सीमित है।
एक सैनिक ही है जो देश के अपने परिवार की परवाह किए बिना सीने में गोलियां खाता हुआ अपना सर्वस्व न्योछावर कर सर्वोच्च बलिदान देता है शत् शत् नमन् उन शूरवीरों को जो देश के ढाल बनकर खड़े रहते हैं। जयहिंद
ये रहे उपस्थित
सदस्य – जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष रिसालदार रामानंद, वीर चक्र कैप्टन रुपलाल, सलाहकार कैप्टन सुरेंद्र राणा, कैप्टन सुभाष चंद्र, मुख्य सलाहकार सुबेदार मेजर श्याम सिंह परमार,मीडिया प्रभारी सुबेदार मेजर संजीव कुमार, सचिव सुबेदार प्रताप सिंह चौहान, सह सचिव ईश्वर दास, सलाहकार सुबेदार सीताराम, हवलदार शशीपाल, युएफओ के कोआर्डिनेटर हवलदार सुरेश कुमार सदस्य नायब सूबेदार नानक राम, हवलदार चमेल सिंह सुबेदार रतन लाल, सलाहकार सुबेदार सागर चंदेल सचिव सुबेदार बच्चन सिंह, सुबेदार पुर्ण चंद, सुबेदार मेजर विपन कुमार शर्मा, एयरफोर्स निक्का राम, हवलदार कश्मीर सिंह ठाकुर वर्चुअल मीटिंग में भाग लिया।

