राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरसर में मनाया गया वर्ल्ड मैनस्टुअल हाईजीन दिवस

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ज्वाली – अनिल छांगु

वर्ल्ड मेंस्ट्रूअल हाइजीन दिवस के उपलक्ष पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन महिला एवं बाल विकास निदेशालय के सौजन्य से बाल विकास योजना अधिकारी नगरोटा सूरियां द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 29 मई को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरसर में किया गया।

कार्यक्रम में मासिक धर्म में स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पाठशाला की छात्राओं की नारा लेखन प्रतियोगिता और क्विज प्रतियोगिता तथा लघु नाटक का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

नारा लेखन प्रतियोगिता में सोनी, वंशिका वा पलक ने पहला ,दूसरा,वा तीसरा स्थान प्राप्त किया, क्विज प्रतियोगिता में तन्वी, बा रिया प्रथम स्थान पर रही पलक मेहरा बा पलक दूसरे स्थान पर और सेजल और शगुन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन प्रतियोगिताओं में जीतने वाली बेटियों को पुरस्कृत भी किया गया।

कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी नगरोटा श्री बलजीत ठाकुर ने बताया कि विभाग द्वारा वो दिन योजना चलाई जा रही है। जिसका उद्देश्य मासिक धर्म में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और अनीमिया को खत्म करना तथा बच्चे के पहले 1000 दिनों के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

योजना के उद्देश्यों की पूर्ति में सफलता हासिल करने के लिए किशोरावस्था से गुजर रही बेटियों में जागरूकता होना अति महत्वपूर्ण और इसीलिए विभाग द्वारा कॉलेज व स्कूलों के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक मधु कुमारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुनीता गुलेरिया द्वारा उक्त विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।

इस उपलक्ष पर आयुष विभाग से डॉ अनुपम द्वारा महिलाओं व किशोरियों में एनीमिया की समस्या के कारण व उसके निवारण बारे बताया गया। उन्होंने बताया कि बेटियों को अपने आहार में पौष्टिक तत्वों के महत्व को समझना होगा।उन्हें हरी पत्तेदार सब्जियां, अंकुरित अनाज, अंकुरित दालों, गुड़ इत्यादि भरपूर मात्रा में खाने चाहिए ।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय पाठशाला के प्रधानाचार्य श्री कमल किशोर ने महिला एवं बाल विकास विभाग का आभार जताते हुए आवाहन किया कि हमें अंधविश्वास को दूर करना है और अपने आपको ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त करके जागरूक करना है ताकि खून की कमी, कुपोषण जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म किया जा सके।

कार्यक्रम में स्थानीय पाठशाला के अध्यापकों के साथ पर्यवेक्षक दलजीत धीमान, सुरेशना देवी, विमला देवी तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।

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