युवाओं का वार हमें दो रोज़गार- राम नाम का बंद करो प्रचार-प्रसार
बिलासपुर – सुभाष चंदेल
भारतीय जवान किसान पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व पार्टी प्रदेशाध्यक्ष और हिमाचल प्रदेश वैटरन सैनिक कल्याण एंव विकास समिति के प्रदेशाध्यक्ष वैटरन कैप्टन बालक राम शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि देश में युवाओं के भविष्य को अंधकारमय कर दिया, रोज़गार खत्म कर दिये, प्राईवेट सैक्टर को बढ़ावा देकर अमीरों व धन्नासेठों को बढ़ावा देकर आम गरीब लोगों को कमज़ोर करने का काम केंद्र की सरकार ने किया।
जिसके कारण आज देश प्रदेश का युवा रोज़गार की मांग कर रहा है। रोज़गार के नाम पर युवाओं से या उनके परिवारों से करोड़ों रुपए इकट्ठे कर लिये जाते हैं और बाद में भ्रष्टचार को बढ़ावा देकर पेपर लीक करवाये जाते है। ऐसा कई बार हो चुका है। लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं, फिर लीपा-पोती को लिए कठोर कार्रवाई करने के लिए मज़बूरवश अश्वासन देते हैं। बाद में कुछ नहीं होता, जो देश हित में नहीं।
ये लोक तंत्र को कमज़ोर करना और तानाशाही राज करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर खरीद फरोख्त करके या अपनों तंत्र अस्त्र शस्त्र का इस्तेमाल करके डराना धमकाना, बिना सबूत के जेल में डाल देना, देश में संविधान को ताक़ पर रखकर लोक तंत्र की हत्या की जा रही है। जबर्दस्ती सत्तासींन होने का लालच देश के लिए घातक सिद्ध होने जा रहा है। जो अच्छे संकेत नहीं है, समझना जरूरी है।
राष्ट्रीय मीडिय प्रभारी वैटरन बालक राम शर्मा ने आगे कहा कि अग्निपथ पथ योजना से अग्निवीर बनाना देश की रक्षा सुरक्षा को कमज़ोर करना और देश के सैनिकों की पैन्शन खत्म करना भी एक बढ़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। अग्नीवीर चार साल के लिए है, उसे कोई शहीद का दर्जा नहीं, कोई सैनिकों को जो ताउम्र लाभ मिलते हैं वह सब बंद कर दिए जाते हैं, इसका अर्थ यह है कि देश की सेना को कमज़ोर करने का उद्देश्य है, यह समझ से परे है।
जिस देश की रक्षा सुरक्षा कमज़ोर है, वह देश कमज़ोर है, वह देश विश्वगुरु कैसे बन सकता है। चौथा स्तम्भ मीडिय होता है, अगर नेशनल मीडिय की खरीद फरोख्त कर हाइजैक करके सिर्फ़ व सिर्फ़ अपना ही गुणगान प्रचार-प्रसार करना लोक तंत्र को कुचलना दबाना और तानाशाही राज महौल बनाकर समाज को कमज़ोर करना और देश की ताक़त देश का युवा को कमज़ोर करना, ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देना, धन्नासेठों को मजबूत बनाना, देश हित में नहीं है।
देश में गुलामी जैसा माहौल तैयार कर दिया है। सारे बेनिफिट, वेतन, भत्ते, अलाउंस नेताओं को दे रखे हैं और सरकारें कर्ज से चलाना भी तर्कसंगत है, ऐसा क्यों—? कर्मचारीयों को वेतन, पैन्शन बड़ी मुश्किल से दिये जाते है, आज राम नाम की आस्था को ढाल बनाकर उसके ऊपर राजनीतिकर्ण से देश की जनता को गुमराह किया जा रहा है। राम नाम की आस्था सब अपने आप पर निर्भर करती है, इसे थोपना तर्कसंगत है, आगे देश प्रदेश की जनता सब देख रही है।

