हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में मंगलवार सुबह तड़के कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। शहर के ऊपर गढ़धब्बा-री-क्वाल पहाड़ी बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड हुआ और इसके मलबे ने पांच किमी के दारये में पैलेस कॉलोनी, तुंगल कॉलोनी और अस्पताल के पीछे के एरिया को चपेट में ले लिया।
इस फ्लैश फ्लड की चपेट में तुंगल कॉलोनी की रहने वाली पूर्व पाषर्द कृष्णा देवी का छोटा बेटा बलवीर सिंह और बड़ी बहू सपना के अलावा पोता अमनजोत भी आ गया और तीनों की मौत हो गई। वहीं, बड़ा बेटे की टांग टूट गई है और वह अस्पताल में भर्ती है।
मंडी के जोनल अस्पताल के ऑर्थो वार्ड में भर्ती दर्शन सिंह ने बताया कि सुबह के चार बज रहे थे। घर के पास सड़क पर उनके दो ऑटो खड़े थे। इस दौरान फ्लैश फ्लड आ गया और वे दोनों भाई और परिवार ऑटो को बचाने के लिए उतरे। इस दौरान पानी का बहाव इतना तेज था कि उसने पास ही की दुकान का शटर फाड़ दिया। वह भी सैलाब में बह गए और फिर मलबे में दब गए। जैसे तैसे उन्होंने शरीर से मलबा हटाया, लेकिन उनकी टांग टूट चुकी थी और वह उठ नहीं पा रहे थे। इस दौरान फिर लोगों ने उन्हें निकाला।
अस्पताल के बिस्तर पर पर वह बातचीत कर रहे हैं और कहते हैं कि टांग पूरी तरह से टूट गई है। सबसे दुखद बात यह है कि उनके भाई, पत्नी और बेटा, आंखों के सामने सैलाब में बह गया। दर्शन सिंह कहते हैं कि बड़े बड़े पत्थर आए थे।उन्होंने कहा कि परिवार के लोग साथ ही खड़े थे और उन्हें एहसास हो गया कि कुछ अनहोनी हो गई है।
परिवार की महिला ने बताया कि चार बज रहे थे तो काफी बारिश होने लगी और इस दौरान सोचा कि सुबह तो हो गई है चाय बना लेते हैं। एक अन्य महिला ने कहा कि परिवार का घर सेफ है और वो ऑटो बचाने के लिए गए थे. पूरा घर उजड़ गया है और कमाने वाला कोई बचा नहीं हैं। तीन बच्चों को अब कौन पालेगा।
अहम बात है कि दोनों भाई ऑटो चलाते थे और इसी से परिवार का गुजारा चलता था। पिता का निधन हो चुका है और मां छोटी सी दुकान चलाती है।