
धर्मशाला- राजीव जस्वाल
मुख्यमंत्री बताएं प्रदेश में कहां पर बड़ा उद्योग लगा है, और इनमें कितने युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंडी रैली से केवल जनता को निराशा के इलावा कुछ नहीं मिल पाया। बल्कि रैली के माध्यम से अतिरिक्त बोझ ही सरकार के खजाने पर पड़ा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह पठानिया ने धर्मशाला में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस कमेटी सहित प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि यहां हुई पहली इनवेस्टर मीट के बाद कितने उद्योग लगे और इनमें कितने बेरोजगारों को रोजगार मिला था।
कुलदीप पठानिया ने कहा कि प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाएं होन के बावजूद लगभग 7.6 प्रतिशत शेयर की मिल पा रह है जबकि इससे कहीं अधिक केंद्र के मिल रहा है। हालात यह हैं कि प्रदेश विद्युत परियोजनाएं होन के बावजूद यहां के लोगाें को बिजली महंगी मिल रही है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में कैग रिपोर्ट से साफ हुआ है कि सरकार ही मोर्चो पर विफल साबित हुई है, इस रिपाेर्ट ने यह दर्शाया है कि सरकार की आय कुछ प्रतिशत जबकि खर्चे इससे कहीं ज्यादा हैं। जिसका सबूत प्रदेश पर 65 हजार करोड़ का ऋण है। प्रवक्ता कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश में उपचुनावों में मिली हार के बाद अपनी कुर्सी को बचाने का प्रयास मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है।
अगर ऐसा नहीं होता तो मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से प्रदेश के लिए कोई विशेष पैकेज दिलवाते। उन्हाेंने कहा कि महंगाई आज तेजी से प्रदेश में बढ़ रही है। चोर दरवाजाें से नौकरियां दी जा रही हैं। लेकिन आंखे मूंदे बैठी है। उन्होंने कहा किा कांग्रेस इन सब मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।
इस अवसर पर पीसीसी प्रवक्ता डा. राजेश शर्मा, संजीव गांधी, अजीत नैहरिया, जितेंद्र शर्मा, आरके अग्रवाल व मीडिया प्रभारी पुनीत मल्ली मौजूद थे।
