इन्दौरा/काँगड़ा – व्यूरो चीफ़ अमित शर्मा
मिनर्वा शिक्षण महाविद्यालय इन्दौरा में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ।
जिसमें प्रोफेसर देवदत्त शर्मा कुलपति सरदार पटेल विश्विद्यालय मंडी ने मुख्यतिथि व डॉ अजय अत्रि चैयरमैन बीएड विभाग हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय, डॉ सुरिंद्र शर्मा प्रदेश अध्यक्ष सिटीएफ, डॉ कुलवंत सिंह, डॉ रेणु नंदा विभागाध्यक्ष शिक्षा विभाग, जम्मू विश्वविद्यालय, डॉ राजेश शर्मा, शैक्षणिक अधिष्ठाता ,सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी, डॉ अमन ,सहायक आचार्य केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
वहीं कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वालन व सरस्वती बंदना के साथ हुई।
वहीं महाविद्यालय के चैयरमैन इंजीनियर जे एस पटियाल में आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार ने एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के बारे में अवगत करवाया।
मुख्यतिथि के बोल
मुख्यातिथि ने कहा कि हमारा देश वर्ष 2023 में अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और हमारा मकसद वसुधैव कटुम्बकम का रहा है।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युग मे योग्यता के साथ साथ किसी भी चीज मे माहरत हासिल करना इस शिक्षा नीति का सबसे बड़ा उद्देश्य है उन्होंने कहा कि ज्ञान से ज्यादा व्यक्ति में नैतिक मूल्य और अपने अंदर की महत्वपूर्ण चीज को तराशना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति में ग्रहण करने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खुश रहने के लिए भूमि नहीं भूमिका बदलनी चाहिए।
उन्होंने महाविद्यालय के द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी। शोधार्थी व महाविद्यालयों से आए हुए आचार्य व सहायक आचार्यों ने नई शिक्षा नीति 2020 पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।
वहीं एक दिवसीय संगोष्ठी की संयोजक डॉ मोनिका ने समस्त अतिथियों का धन्यवाद किया।

