हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में माता शिकारी देवी के मंदिर में हिमपात के बीच भी पुजारी नंगे पांव पूजा अर्चना करते हैं। बुधवार को भारी हिमपात के बीच भी कमेटी के सदस्य माता की पूजा करने पहुंचे। पिछले तीन-चार दिन से लगातार जारी हिमपात और वर्षा के कारण माता के मंदिर और आसपास तीन फीट तक हिमपात हो चुका है।
चैत्र नवरात्र के साथ ही माता के मंदिर के कपाट भी खुल गए थे। उसके बाद से मंदिर कमेटी के सदस्य वहां रुके हैं। मंदिर कमेटी में 10 से अधिक सदस्य हैं। नवरात्र के आरंभ होने के बाद यह बारी-बारी मंदिर में ठहरते हैं। चैत्र नवरात्र से पहले सर्दी के मौसम में माता के मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

कमेटी सदस्य रुके हैं मंदिर में
माता शिकारी देवी के मंदिर में इस बार हिमपात और वर्षा के कारण नवरात्र में अधिक श्रद्धालु नहीं पहुंच पाए। हालांकि मंदिर कमेटी के सदस्य लगातार वहां रुके हुए हैं। इनके रहने खाने के लिए पूरी व्यवस्था मंदिर में ही सराय में होती है, इसका कोटा निर्धारित होता है। हिमपात के बीच भी इनका काम मंदिर में सुबह-शाम पूजा करना है। भारी हिमपात के बीच भी पूजा अर्चना जारी रहती है। बुधवार को भी दिले राम ठाकुर ने माता के मंदिर में पूजा की।
तीन फीट बर्फ के बीच भी श्रद्धा चरम पर
माता शिकारी मंदिर की पहाड़ियों पर तीन फीट तक बर्फ होने के बावजूद श्रद्धा चरम पर है। अब मौसम साफ होने पर ही मशीनरी के जरिए मार्ग बहाल होगा और उसके बाद अन्य कमेटी सदस्य अपनी ड्यूटी देने पहुंचेंगे।

