
कुल्लू – आदित्य
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर बंजार घाटी के पेडचा गांव के आराध्य देव मार्कंडेय ऋषि के सम्मान में पेडचा हूम पर्व मनाया गया।
हूम में आसपास के साथ दूर-दूर से सैकड़ों लोग पहुंचे और देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। बुधवार रात करीब 10:30 बजे सैकड़ों जलती मशालों के साथ ऋषि के देवरथ की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई।
ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ देवता एक घंटे की पदयात्रा कर मध्य रात्रि तपोस्थली पेडचा पहुंचे। यहां सैकड़ों लोगों ने ऋषि का भव्य स्वागत किया।
आरती के बाद हूम पर्व की परंपराओं को निभाया गया। रात करीब एक बजे लोक संस्कृति पर आधारित विशाल जागरा नृत्य का आयोजन किया गया।
वीरवार सुबह कुल पुरोहित ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना की और देवरथ को राखी बांधी गई। रोगों से निजात दिलाने के लिए लोग हूम मेें आते हैं।
कारदार रमेश शर्मा, कमली राम, पुजारी नरोत्तम दत्त शर्मा, पंचायत प्रधान लालचंद चौहान, टीसी महंत ने कहा कि पेडचा हूम को सदियों से मनाया जाता है।
उत्सव में लोग अपने घर से जलती मशालों को लेकर आते हैं और हूम की परंपरा को निभाया जाता है।
