8000 वर्कर्ज की भर्ती पर सरकार का बड़ा फैसला, सात दिन में पूरी करनी होगी प्रक्रिया, अधिसूचना जारी
शिमला-जसपाल ठाकुर
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग द्वारा की जाने वाली 8000 मल्टी टास्क वर्कर की भर्ती में करुणामूलक आश्रितों को नौकरी में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार की ओर से इस भर्ती को लेकर अधिसूचना जारी कर इसके लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। आदेशों के अनुसार भर्ती का प्रोसेस सात दिन में पूरा करना होगा।
बता दें कि पिछले दिनों शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार की ओर से करुणामूलक वर्ग को जल्द राहत देने का आश्वासन दिया गया था। इसी को ध्यान में रखते अब नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि अब मल्टी टास्क वर्कर भर्ती में करुणामूलक वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस बारे में शिक्षा विभाग की ओर से सभी डिप्टी डायरेक्टर को आदेश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि सात दिनों के भीतर भर्ती की प्रक्रिया पूरी करनी होगी और 15 दिन के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजनी होगी। गौर हो कि 30 नवंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के स्कूलों में 8000 मल्टी टास्क वर्कर की भर्तियों के आदेश जारी किए गए हैं।
गौर रहे कि सरकारी स्कूलों के निर्माण के लिए भूमि देने वाले लोगों को इस भर्ती में पूर्व निर्धारित पांच अंकों से अधिक देने की योजना है। मल्टी टास्क वर्कर्ज के 4000 पद मुख्यमंत्री की अनुशंसा और शेष 4000 पद आवेदन आधार पर भरे जाने हैं।
पहले जारी नियमों के अनुसार वर्कर के घर से स्कूल की दूरी के आधार पर 10 नंबर होंगे। इसमें डेढ़ किलोमीटर के दायरे वाले आवेदक को 10 नंबर रखे गए हैं। दो किलोमीटर के दायरे पर आठ, तीन किलोमीटर पर छह, चार किलोमीटर पर चार और पांच किलोमीटर की दूरी पर दो नंबर मिलेंगे।
इसमें पांचवीं कक्षा पास को पांच नंबर, आठवीं पास को आठ नंबर मिलेंगे। एसडीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी चयन करेगी। मुख्यमंत्री की अनुशंसा वाले आवेदनों की सत्यता को भी एसडीएम की कमेटी जांचेगी। पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों का काम स्कूल को खोलना और बंद करना, परिसर और कक्षाओं में सफाई करना, पीने के पानी का इंतजाम करना और स्कूल की डाक को अन्य विभागों में पहुंचाना होगा।
विशेष श्रेणी के लिए शर्तें
मल्टी टास्क वर्कर भर्ती में विधवा या पति से अलग रहने वाली महिला को तीन नंबर मिलेंगे। स्कूल को भूमि देने वाले परिवार के सदस्य को तीन नंबर दिए जाएंगे। एससी, एसटी, ओबीसी, बीपीएल कोटे के आवेदक को तीन नंबर मिलेंगे। बेरोजगार परिवार के सदस्य को भी तीन नंबर मिलेंगे। जिस गांव या पंचायत के स्कूल में भर्ती की जानी है, वहां के स्थानीय निवासी को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ लगते गांव में अगर कोई स्कूल नहीं हैं तो वहां का निवासी भी आवेदन कर सकेगा।