मनाली : कुत्तों को लड्डुओं में दी जा रही मौत, Manali Strays ने जताई आपत्ति

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मनाली, 17 मार्च – अजय सूर्या

मनाली में नगर निगम की कार्यवाही के अंतर्गत कुत्तों को लड्डुओं में जहर खिलाकर मारे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 14 मार्च को माॅल रोड़ स्थित रामबाग चौक में इसी घटनाक्रम में छह कुत्ते मृत पाए गए, जिसे लेकर शहर के कुत्तों के पुनर्वास के लिए प्रयासरत एनजीओ-मनाली स्ट्रेज में खासा रोष व्याप्त है।

मनाली स्ट्रेज की खोजबीन से पता चला है कि नगर निगम के ही एक कर्मचारी माखन लाल ने लड्डुओं में जहर की गोलियां मिलाकर उन्हें मौत के घाट उतारा है। शहर के एक पशु प्रेमी ने मनाली पुलिस स्टेशन में 15 मार्च 2023 को एक पुलिस रिपोर्ट दर्ज की है, जिस पर कार्यवाही करते हुए दोषी माखन लाल को थाने में तलब किया गया।

मनाली स्ट्रेंज ने एफआईआर में आईपीसी की धारा 429 के अधीन प्रिवेंशन ऑफ़ क्रुएलिटी टू एनिमल एक्ट 1960 के तहत मामला दर्ज करवाया। माखन लाल ने कबूल किया कि वे नगर निगम के कहने पर काफी समय से कुत्तों को जहर देकर मार रहे हैं।

मनाली स्ट्रेज  की अपर्णा सिंह ने बताया कि मृत कुत्ते के पोस्टमार्टम कर रहे डा चैतन्य ठाकुर ने मृत शरीर को पुराना बताया, जिस पर ऑटोप्सी करना संभव नहीं है।

अपर्णा सिंह ने आरोप लगाया कि नगर निगम सबूतों को छिपाने का हर संभव प्रयास कर रही है। कुत्ता मालिक द्वारा शव को फोरेंसिक लैब ले जाने पर डॉ ठाकुर ने साफ मना कर दिया।

मनाली पुलिस ने भी अभी तक नगर निगम को आदेश नहीं दिये कि अन्य मृत कुत्तों के शवों को कहां दबाया गया है। नगर निगम पलटवार कर रहा है कि पालतू कुत्तों को एमसी ने टैग जारी किए हैं।

वह भी तब, जब मनाली में कुत्तों के लिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा नहीं है। कमलेश ने सवाल उठाया कि यदि पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन भी हो जाये तो क्या मनाली एमसी लावारिस कुत्तों को ऐसे मौत के घाट उतारेगा।

इसी बीच माखन लाल ने भी दो अवसरों पर अपना जुर्म कबूला है। एक बार सार्वजनिक तौर पर पुलिस के समक्ष और दूसरी बार फोन पर हुई बात के दौरान, जिसकी रिकॉर्डिंग में स्पष्ट हुआ कि दोषी ने यह अपराध नगर निगम के कहने पर किया है। मनाली स्ट्रेज ने रोष जताया कि लगभग तीन वर्ष पहले भी एक दिन में करीब सौ कुत्तों को मारा गया था।

एनजीओ ने आपत्ति जताई है कि कुत्तों को ऐसे मौत के घाट न उतार के उनके पुनर्वास के लिए पहल उठाई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ बेजुबानों की निर्मम हत्याओं के लिए सजा होनी चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम की विस्तारपूर्वक जानकारी अपर्णा से फोन नंबर 9810353608 पर ली जा सकती है।

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