
कांगड़ा – राजीव जसवाल
प्रदेश में कमीशन पास करने के बाद भी नौकरी न मिलने से भाषा अध्यापक परेशान हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही इन भाषा अध्यापकों पर भारी पड़ रही है और अब स्कूलों में इन्हें नियुक्ति ही नहीं मिल पा रही है।
भाषा अध्यापकों ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें रोजगार से जोड़ा जाए। कमीशन पास भाषा अध्यापकों का कहना है कि कई बार सरकार से आग्रह किया जा चुका है कि उन्हें शीघ्र ही नियुक्तियां प्रदान की जाएं।
उन्होंने कहा कि कनीशन का परिणाम निकले सात महिने हो चुके हैं लेकिन अभी तक किसी भी भाषा अध्यापक को नियुक्ति नहीं मिली है।
भाषा अध्यापकों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर, शिक्षा सचिव रजनीश से अनुरोध किया है कि शेष बचे हुए भाषा अध्यापकों को जल्द ही नियुक्ति प्रदान की जाए।
इन्होंने कहा कि कमीशन का परिणाम 12 नवंबर 2021 को घोषित किया गया था इसके बाद भी नियुक्तियों में देरी क्यूं की जा रही है।
भाषा अध्यापकों अंजु कुमारी, शम्मी कुमारी, उषा रानी, शशि कुमार, सरिता कुमारी ने सरकार से अनुरोध है कि पोस्ट कोड 814 के शेष भाषा अध्यापकों को शीघ्र नियुक्ति दी जा जाए।
