
दिल्ली – नवीन चौहान
ओम्रिकॉन के सब-वैरिएंट बीएफ-7 ने चीन में तबाही मचा दी है। यह वायरस बेहद खतरनाक है और तेजी से फैल जाता है। वायरस के घातक होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह इम्यून सिस्टम से भी बच निकलता है। इसका इनक्यूबेशन पीरियड बहुत कम है और यह किसी भी व्यक्ति को बहुत तेजी से संक्रमित कर देता है।
यही वजह है कि चीन में रफ्तार के साथ मामले बढ़ रहे हैं, जिससे सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में दस फीसदी आबादी इसका शिकार हो सकती है। इसका पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग बेहद जरूरी है।
उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने चीन सहित दुनिया के कई देशों में कोविड संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए बुधवार को भारत में कोरोना महामारी के प्रकोप से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की और सतर्कता, सावधानी और निगरानी बरतने पर जोर दिया।
समीक्षा बैठक के दौरान श्री मांडविया ने सतर्कता, सावधानी और निगरानी बरतने पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कोविड मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य सचिव राजीव भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिव और मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि राज्यों को कोविड संक्रमण के प्रबंधन के लिए पांच स्तरीय रणनीति पर काम करना चाहिए।
पत्र में कहा गया है कि जापान, कोरिया, चीन, अमरीका और ब्राजील में कोविड संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। स्थिति को देखते हुए सभी राज्यों को सतर्कता बरतना आवश्यक है।
इन देशों से आने वाले किसी भी संदिग्ध कोविड संक्रमित व्यक्ति के नमूनों को की जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाना चाहिए।
