मंडी – अजय सूर्या
पंडोह बांध से अखिरकार शनिवार तडक़े पानी छोड़ दिया गया, जिससे ब्यास नदी पानी से भर गई है। गर्म लू को ब्यास की ठंडी हवाओं ने शांत कर दिया है। पर्यावरण में भी शुद्धता होगी। विशेषकर जीव जंतु और पशु पक्षियों को ब्यास का ठंडा पानी पीने को मिलेगा।
वहीं आज से ही ब्यास नदी के उस पार बदार घाटी के हजारों लोग मुख्यधारा से कट गए है। अब उन्हें 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा, क्योंकि कि पंडोह का लाल पुल ब्यास नदी पहले ही निगल चुकी है। लोग ब्यास को लकड़ी की पुलिया लगाकर पार करते रहे हैं, जो आज पानी का स्तर बढऩे से पानी में समा गया है।
बीबीएमबी के वरिष्ठ अधिशासी अभियंता वीवेक चोपड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा है कि डैम के जलाशय में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। ब्यास नदी में भी पानी का स्तर कम ज्यादा होता रहेगा। इसलिए नदी के किनारे न जाएं।