
धर्म नेगी- चुराह
तीसा बैरागढ़ में अवैध कब्जे को लेकर सबसे बड़ा सवाल बच्चों की सहायता किसलिए ली गई? ऐसे में गलत कार्य बच्चों से क्यों करवाए जा रहे हैं? प्रशासन अगर इस काम को करता तब भी बात बनती फिर सवाल बड़ा हैं आज का?
अगर स्कूल की जमीन पर किसी के द्वारा कब्जा किया जा रहा था तो पेड़ क्यों कटवा दिए बच्चों से? आखिरकर सवाल यह है? जब पेड़ लगाए गए थे, उस जमीन पर तब प्रशासन और वहां के लोग कहां थे बच्चों की सहायता लेकर के किसी के ऊपर इतना बड़ा आक्रमण नहीं करना चाहिए।
खासकर बैरागढ़ स्कूल का मतलब यह नहीं बैरागढ़ में अवैध कब्जे को लेकर के स्कूल प्रशासन के द्वारा बच्चों को शिक्षा दी जाती है या फिर उन्हें दंगाई बनाया जाता है। आखिरकार क्यों सोया हुआ है यह प्रशासन इसमें साफ साफ नजर आ रहा है कि नाबालिक छात्र छात्राओं की सहायता लेकर के इस तरीके का काम क्यों करवाया जा रहा है।
गुरुजनों ने हमें तो ऐसी शिक्षा कभी नहीं दी है प्रशासन अगर काम नहीं करता तो बच्चो कि आड़ लेकर अवैध कब्जे को उखाड़ा जिला चंबा शासन-वह -प्रशाशन से आग्रह है कि इस बैरागढ़ स्कूल में ऑन ड्यूटी अध्यापको के ऊपर कड़ी से कड़ी कारवाही होनी चाइये?
