बीड़ बिलिंग में विंटर फेस्टिवल या बीड़ फेस्ट पर फोकस

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क्योर में बीड़ होटल एसोसिएशन ने की बैठक; कहा, घाटी में धाम और संस्कृति से रू-ब-रू होंगे सैलानी

बैजनाथ- बर्फू

पैराग्लाइडिंग की घाटी बीड़ क्षेत्र में एक विंटर फेस्टिवल या बीड़ फेस्ट जैसा कोई एक पर्यटन मेला मनाने के प्रयास किए जाएंगे। यह कार्यक्रम ऑफ सीजन में किया जाएगा, जिसमें पर्यटकों को यहां पर उनके रुचि के अनुसार विभिन्न कार्यक्रम पेश करते हुए स्थानीय धाम और हर तरह की स्थानीय संस्कृति से रू-ब-रू भी करवाया जाए।

इस बारे बीड़ होटल एसोसिएशन की बैठक क्योर गांव के कैंप कस्बा में एसोशिएशन के अध्यक्ष सतीश अबरोल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों के सहित ट्रैवल लाइन से जुड़े हुए कुछ महानुभावों ने भाग लिया।

बैठक में एसोसिएशन के प्रधान सतीश अबरोल ने बताया कि पिछले दिनों जिला कांगड़ा के पर्यटन विभाग के डीटीडीओ पृथी पाल ने बीड़ बिलिंग का समीक्षा दौरा किया था, उस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारी उनसे मिले व क्षेत्र में होने वाले विकास कार्य जो पर्यटन की दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण है, के बारे में उनसे चर्चा की, जिस पर डीटीडीओ महोदय ने बहुत ही सकारात्मक रुख दिखाते हुए वन विभाग से एस्टीमेट मांगे हैं। इसमें गुनेहड़ गांव के बनगोडु वाटरफॉल को विकसित करना सबसे महत्त्वपूर्ण है।

जहां पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में पर्यटक जाते हैं, लेकिन वहां के रास्ते बहुत ही खतरनाक हैं और पानी के बीच में से होकर जाना पड़ता है, जिसके लिए विभाग से मांग की गई कि यहां पर अत्याधुनिक तरीके से प्रकृति को न छेड़ते हुए ऐसा रास्ता बनाया जाए।

बैठक में क्षेत्र में एक विंटर फेस्टिवल या बीड़ फेस्ट जैसा कोई एक पर्यटन मेला मनाने पर भी चर्चा हुई। यह प्रोग्राम ऑफ सीजन में किया जाएगा, जिसमें पर्यटकों को यहां पर उनके रुचि के अनुसार विभिन्न कार्यक्रम पेश करते हुए स्थानीय धाम और हर तरह की स्थानीय संस्कृति से रू-ब-रू भी करवाया जाएगा।

बैठक में एसोसिएशन के संरक्षक दिनेश पाल के अलावा महासचिव अंकुश राणा, यीशु कपूर, राकेश पालसरा, संतोष, विजय सोनी सहित डियर पार्क के प्रशांत व दीवान और अन्य पर्यटन से जुड़े लोगों ने भाग लिया। एचडीएम

7000 किलो सूखा कचरा एकत्रित करना बड़ी उपलब्धि

गत दो महीनों में 7000 किलो से ऊपर सूखा कचरा एकत्रित कर लिया गया है, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अन्यथा यह सारा कचरा खड्डों या फिर जंगल में ही फेंका जाता रहा है। इसको प्रशासन द्वारा भूमि उपलब्ध करवाने के बाद अलग-अलग करके उस प्रकार ही इसका निष्पादन किया जाएगा, जिस प्रकार से सरकार ने इसका निष्पादन करने का फैसला किया है।

वेस्ट वारियर का सहयोग बहुत बढिय़ा

बैठक में सतीश अबरोल ने यह भी जानकारी दी गई कि हमारे द्वारा चलाया जा रहा वेस्ट मैनेजमेंट का सिस्टम जो वेस्ट वारियर के सहयोग से बहुत बढिय़ा काम कर रहा है। लगभग 100 के आसपास होटल रेस्टोरेंट से सूखा कचरा उठाया जा रहा है। इसके साथ ही एक सहयोगी द्वारा गीले कचरे को केंचुआ खाद में बदलने का भी कार्य किया जा रहा है।

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