
बिलासपुर – सुभाष चंदेल
हिमाचल प्रदेश कॉंग्रेस कमेटी के सचिव राजिंदर शर्मा ने जारी प्रेस वार्ता में बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स बिलासपुर गुजरात की एमजे सोलंकी कंपनी ने प्रदेश के कर्मचारियों को दरकिनार कर दिया है ।
बिलासपुर की प्रधान रीता देवी और महासचिव पुनीत कुमार ने कहा है कि दो साल से सफाई कर्मचारी के पद पर काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर किया जा रहा है । जिसके परिणामस्वरूप वो आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे ।
उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वे जल्द ही गेट का घेराव और भूख हड़ताल करेंगे और इसके बावजूद भी अगर कर्मचारियों की मांगों पर गौर नहीं किया जाता है तो सभी कर्मचारी मिलकर आमरण अनशन करने के लिए भी तैयार हैं।
कंपनी को टेंडर मिलने के बाद सफाई और अन्य कर्मचारियों को भर्ती शुरू कर दी है , जिसमें बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है और स्थानीय कर्मचारियों को दरकिनार किया जा रहा है । इससे एम्स बिलासपर कर्मचारी संघ गुस्सा है ।
कर्मचारी संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन पत्र सौंपकर उन्हें न्याय दिलाने की बात कही है । इसके साथ ही उनकी मांगों को नहीं मानने पर आमरण अनशन करने की धमकी दी है ।
एम्स कर्मचारी संघ प्रदेश के इन लोगों को लंबे समय से आस थी कि इन्हें यहां स्थायी रोजगार मिलेगा , लेकिन अब बाहर की कंपनी को टेंडर जारी होने के बाद यहां स्थानीय लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है जोकि एक गम्भीर चिंता का बिषय है ।
एम्स कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि स्थानीय और उनके काम कर रहे कर्मचारियों को अगर नहीं रखा जाता है तो वे इसके लिए कड़े आंदोलन हेतु मजबूर होंगे इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी एनसी सी लिमिटेड और स्थानीय प्रशासन की होगी ।
शर्मा ने बताया कि इस बाबत एम्स कर्मचारी संघ बिलासपुर ने अपना मांग पत्र एमजे सोलंकी कंपनी गुजरात के प्रबंधक , मुख्यमंत्री हिमाचल , उद्योग मंत्री , श्रमायुक्त , रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन , जिलाधीश , एसपी सहित अनेक अधिकारियों को भी भेजा है ।
राजिंदर शर्मा ने प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार से मांग की वे इस गम्भीर मसले में अपना हस्तक्षेप करके प्रदेश निवासियों के साथ हो रहे धक्केशाही को रोके तथा उनको रोजगार दें ,क्योंकि केन्द्र में भी उनकी पार्टी की ही सरकार है अन्यथा इसके भविष्य के परिणाम अच्छे नहीं होंगे।
