
कोटला – व्यूरो रिपोर्ट
बिजली विभाग कोटला का जुगाड़ सिस्टम कभी भी किसी अनहोनी घटना को न्यौता दे सकता है। बिजली विभाग कोटला सरेआम लोगों की जिंदगी से खेल रहा है। बिजली विभाग जुगाड़ तंत्र से ही काम चला रहा है जबकि हल्की सी लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।
हालांकि लोगों द्वारा विभाग को सूचित भी किया गया लेकिन विभाग ने सिर्फ जुगाड़ किया है ऐसे में यह जुगाड़ कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। कच्चेे स्लेटपोश मकान के कोहले के साथ बांधकर चार-पांच मकानों के लिए कनेक्शन दे दिए गए हैं ताकि बिजली बाधित न हो लेकिन जुगाड़ से कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। यहां रिहायशी इलाका है। लोगों ने मांग की है कि इस समस्या को जल्दी हल किया जाए।
कोटला निवासी जीवन कुमार का कहना है कि मेरे मकान के कोहले के साथ तारों को बांधकर चार-पांच कनेक्शन दे दिए गए हैं। जिनको हटाने सहित बिजली का खंभा लगाने के लिए 10 अप्रैल 2018 से बिजली विभाग को लिखित पत्र दिया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
जीवन कुमार ने बताया कि मेरा कच्चा मकान है और लकड़ी से बना है। इन तारों के बीच से चिंगारियां निकलती रहती हैं। जिस कारण कभी भी कोई हादसा हो सकता है लेकिन लगभग 4 साल बीत जाने के बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की अगर कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस प्रकार कोटला शहर में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली इतनी लाचार है तो ग्रामीण क्षेत्रों का क्या होगा।
वहीं राजोल-प्रोबड़ी से राजोल पंचायत घर तक जमीन छूती बिजली की तारें सड़क के ऊपर से गुजर रही हैं तथा कोई वाहन या व्यक्ति इनकी चपेट में आ सकता है। जिस कारण बड़ा हादसा हो सकता है।
विभाग के अधिकारियों से जनता बार-बार गुहार लगा चुकी है परंतु वह टस से मस नहीं होते। मात्र बिजली विभाग उपमंडल कोटला का कार्यालय बिल एकत्रित करने का अड्डा बन चुका है।
आम जनता की जिंदगियों की इन्हें कोई परवाह नहीं है। जनता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए डैथ स्पॉट बन चुके एक्सीडेंटल पॉइंट को ठीक करवाया जाए अन्यथा बिजली विभाग के जुगाड़ लोगों की जिंदगियों पर भारी पड़ रहे हैं।
