बद्दी में रैकेट “वेकसीर हेल्थकेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड” संडोली के द्वारा कारोबार समेटने से सैकड़ो हिमाचली कामगार बेरोजगार

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बद्दी में रैकेट: “वेकसीर हेल्थकेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड” संडोली के द्वारा कारोबार समेटने से सैकड़ो हिमाचली कामगार बेरोजगार

बद्दी – रजनीश ठाकुर

इंडस्ट्रियल एरिया बद्दी आए दिन कंपनियां वर्करों का शोषण कर रही हैं ऐसा ही मामला रैकेट वैक्सीर हेल्थ केयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मैं पिछले 9 महीनो से कंपनी वर्कों के साथ शोषण करे जा रही है।

कंपनी के वर्कर और यूनियन नेता ने आज मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की यह मामला पिछले 9 महीनो से चल रहा है हमने बद्दी लेबर विभाग को इसके बारे में अवगत भी करवाया और हमारा पिछले 9 महीने से कंपनी के साथ समझौता मामला चल रहा है।

रैकेट यूनियन कर्मी के नेता का कहना था कि जब हमारा मामला लेबर कोर्ट में चल रहा है। तो वहां पर वर्करों की जगह नए वर्कर क्यों रखे जा रहे हैं। यह सरासर गलत है। इस पर लेबर विभाग को कार्यबाही करनी चाहिए। लेबर कानून भी इसकी मान्यता नहीं देता है।

कंपनी गलत तरीके से वर्करों को सस्पेंड कर रही है, जो की लेबर कानून का उलघन है। वर्करों के एक समानता कानून का यह कंपनी हनन कर रही है।

क्या कंपनियां लेबर लॉ से ऊपर हो गई हैं बद्दी में?

यह एक शर्मनाक बात है यूनियन नेता ने यह भी कहा कि अगर समय अनुसार सही कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़े से बड़े आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की ही रहेगी, फिर हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं रहेगी। हमें हमारा हक मिलना चाहिए।

यूनियन के नेताओं ने यह भी कहा कि लेबर विभाग को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए और जल्दी से जल्दी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि वर्करों को न्याय मिले। अगर लेबर विभाग इस बात की सुनवाई नहीं करता है तो हम जेल भरो आंदोलन की तरफ बढ़ेंगे, चक्का जाम करेंगे, इसके जिम्मेदारी प्रशासन की ही रहेगी।

मीडिया का फोन नहीं उठाते हैं रैकेट कंपनी के एचआर

वहीं इस बारे जब कंपनी के एचआर को मीडिया ने बार बार फोन किया तो उन्होंने फोन तक नहीं उठाया।

फोन के माध्यम से क्या बोले बद्दी लेबर ऑफिसर सुरेंद्र सिंह वशिष्ठ

मीडिया ने जब लेबर ऑफिसर बद्दी से इस मामले की बात की तो लेबर ऑफिसर का कहना था कि राकेट वेकसिर हेल्थ केयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सैंडोली बद्दी में जो की बहुत पुरानी कंपनी थी। लेबर ऑफिसर ने यह भी कहा की विवाद तब उठा जब इस कंपनी ने एचएफएल नामक कंपनी को अपनी कंपनी बेच दी।

उसी समय कुछ समय के बाद वर्करों की शिकायत हमारे पास आई। कंपनी के वर्करों के पक्ष में हमने हर उचित कार्यबाही की ताकि वर्करों और कंपनी के बीच सामस्ज्य से बात हो सके लेकिन किसी तरह का हल नहीं निकल। तो मामला श्रम कोर्ट शिमला को भेज दिया। फिलहाल यह मामला श्रम कोर्ट शिमला में विचारअधीन है।

बद्दी लेबर ऑफिसर सुरेंद्र सिंह वशिष्ठ ने कहा कि हमने 26 अक्टूबर को फिर कंपनी के मैनेजमेंट और वर्करों को दोबारा बुलाया है ताकि उनके अंदर सही समझौता हो सके, ताकि वर्करों को रोजगार बना रहे।

मीडिया ने लेबर ऑफिसर को पूछा आपके ऊपर लग रहे आरोप 

लेबर ऑफिसर सुरेंद्र सिंह विशिष्ट ने कहा की हमे रोज कानून के दायरे में रह कर करना पड़ता है। कानून से उपर हम भी नहीं। लेबर ऑफिसर ने कहा की श्रम विभाग के ऊपर जो आरोप लग रहे हैं वह भी निराधार हैं।

नियम अनुसार हर कार्रवाई की जा रही है और वर्करो और कंपनी के बीच जल्द ही कोई ना कोई सही रास्ता निकाला जाएगा‌।

उद्योग मंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार हर्षवर्धन चौहान के बोल

उद्योग मंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार हर्षवर्धन चौहान ने कहा की मीडिया के जरिए मामला ध्यान में आया है। विभाग से बात करके और श्रम मंत्री से बात करके कंपनी और वर्करों की समस्या का हल जल्द किया जाएगा।

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