आतंकवादी हिंसा, उग्रवाद या सीमापार गोलीबारी से प्रभावित बच्चों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता, जिला स्तरीय समिति करेगी पात्र बच्चों की पहचान और संस्तुति
हिमखबर डेस्क
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज यहां आतंकवादी हिंसा, उग्रवाद अथवा सीमापार गोलीबारी के कारण अनाथ या निराश्रित हुए बच्चों की पहचान, सत्यापन एवं संस्तुति के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने बताया कि समिति पात्रता से संबंधित अभिलेखों एवं तथ्यों का सत्यापन कर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन तैयार करेगी तथा मामलों को संस्तुति सहित राज्य सरकार के गृह विभाग को भेजेगी।

उपायुक्त ने कहा कि पात्र बच्चों की पहचान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, अध्यापकों, आशा कार्यकर्ताओं तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से की जाएगी। भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय बाल कोष के तहत पात्र बच्चों को कक्षा 12वीं तक की शिक्षा, आईटीआई, डिप्लोमा या कम्प्यूटर कोर्स के लिए प्रतिवर्ष 15 हजार रुपये, स्नातक या स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष 18 हजार रुपये तथा व्यावसायिक कोर्स करने पर प्रतिवर्ष 21 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता पढ़ाई पूरी होने तक या अधिकतम 25 वर्ष की आयु तक उपलब्ध रहेगी।
ये रहे उपस्तिथ
बैठक में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, उपनिदेशक उच्च शिक्षा यशवीर कुमार, उपनिदेशक शिक्षा (माध्यमिक) भुवनेश्वरी वरवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अजय बदरेल, जिला कल्याण अधिकारी समीर तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन. आर. ठाकुर उपस्थित रहे।

