हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दौरान आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपना चौथा बजट पेश करेंगे। आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल के बीच सबकी नजरें इस बात पर टिकी है कि इस बार के बजट में क्या खास रहेगा। क्या ये जनता को राहत देने वाला बजट होगा? क्या यह प्रदेश के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा?
हालांकि, हिमाचल प्रदेश में इस बार बिना RDG के बजट पेश होगा। ऐसे में ये बजट हिमाचल की राजनीति और आर्थिक स्थिति को देखते हुए कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। गंभीर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे प्रदेश में लंबे समय से कर्मचारियों को लंबित महंगाई भत्ते (DA) का इंतजार है।
वहीं युवा वर्ग को सरकार से रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद है। इसके साथ ही चुनावी वादों में शामिल महिलाओं को 1500 रुपये, 300 यूनिट मुफ्त बिजली सहित अन्य वादों पर भी प्रदेश की जनता नजरें लगाए बैठी है।
हिमाचल प्रदेश में आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बजट पेश करेंगे। वहीं, बजट से पहले विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने विधानसभा के बाहर एंट्री टेक्स को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से प्रस्तुत किया जाने वाला चौथा बजट भी प्रदेश की जनता के साथ एक और बड़ा धोखा साबित होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में कांग्रेस ने झूठी गारंटियों का जाल बिछाकर 65 लाख मतदाताओं के साथ विश्वासघात किया और सत्ता हासिल की।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने 28 लाख महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने का वादा किया था। इसे पहली कैबिनेट में लागू करने की बात कही गई थी लेकिन प्रदेश की महिलाओं को एक भी रुपया नहीं मिला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री 1500 की जगह 100 देने की बात कर रहे हैं, जो कांग्रेस की नीयत और नीति दोनों को उजागर करता है।
कांग्रेस ने युवाओं को 5 लाख रोजगार और एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा भी किया था लेकिन यह वादा धरातल भी पर पर दिखाई नहीं देता। यह बेरोजगार युवाओं के साथ यह मजाक है और आने वाला बजट भी उनके साथ छलावा ही साबित होगा। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी, अधिकारी और सेवानिवृत्त वर्ग अपने हकों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।

