प्रदेश के बिलासपुर जिले की बंदलाधार में फिर से पैराग्लाइडिंग का लुत्फ लिया जा सकेगा। जिला प्रशासन ने साइट शुरू करने के लिए वन विभाग की मंजूरी ले ली है।
बिलासपुर – सुभाष चंदेल
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की बंदलाधार में फिर से पैराग्लाइडिंग का लुत्फ लिया जा सकेगा। जिला प्रशासन ने साइट शुरू करने के लिए वन विभाग की मंजूरी ले ली है। वहीं यहां से उड़ान शुरू करने के लिए अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। प्रशासन की माने तो दस दिन के भीतर साइट को शुरू करने के लिए अधिसूचना जारी हो जाएगी।
बताते चलें कि विश्व में तुर्की और नेपाल के पोखरा में एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट हैं। पोखरा साइट की ऊंचाई बंदला साइट से कम है, जबकि बंदला एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट तुर्की साइट के बराबर है।
पंजीकरण होने के बाद बंदला पैराग्लाइडिंग साइट दुनिया की तीन सबसे खूबसूरत साइट्स में शुमार हो चुकी है। एक्रो पैराग्लाइडिंग में पैराग्लाइडर आसमान में पैराग्लाइडर के साथ कई तरह के करतब करते हैं।
साइट से टेक ऑफ करने के बाद पायलट झील के ऊपर कई तरह की अठखेलियां करते हैं। एक्रो सिर्फ ऐसी जगहों पर होती है, जहां पर नीचे पानी हो। बंदला पैराग्लाइडिंग साइट की लैंडिंग गोविंद सागर झील के किनारे होती है। वहीं झील होने के चलते यह साइट एक्रो के लिए सबसे बेहतर है।
जनवरी 2022 में इस साइट को उड़ानों के लिए पर्यटन विभाग ने एक साल की अवधि के लिए नोटिफाई किया था। जनवरी में इसकी अवधि पूरी हुई और विभाग ने उड़ानों के लिए इसे बंद कर दिया। इससे पैराग्लाइडिंग को बंद करना पड़ा।
अब पूरी तरह से इसे शुरू करने के लिए प्रशासन ने वन विभाग से इसकी एनओसी ले ली है। उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि आठ से दस दिन में इस साइट को दोबारा बहाल कर दिया जाएगा।

