चेताया 15 दिन के भीतर कोलतार प्लांट को बन्द नहीं किया तो प्रशासन व कंपनी के खिलाफ हाईकोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा
कोटला – ए के शर्मा
पठानकोट मंडी फोरलेन निर्माण कार्य प्रगति पर है उसी कड़ी में ज्वाली उपमंडल के अंतर्गत आते क्षेत्रों कोटला, त्रिलोकपुर, भाली में भी निर्माण कार्य जोरों पर है, परन्तु निर्माण कंपनियों द्वारा आम लोगों की जान खतरे में डालकर व सरकारी नियमों की धज्जियां सरेआम उड़ाई जा रहीं हैं।
स्थानीय निवासी व शिकायतकर्ता अमन राणा ने बताया की निर्माण कंपनियों द्वारा कानून को ठेंगा दिखाकर सरेआम लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला जा रहा है। अमन ने बताया कि मार्च में उसने उपमण्डलधिकारी ज्वाली को लिखित में भाली पंचायत में लगाये जा रहे तारकोल प्लांट को आबादी क्षेत्र से दूर लगाए जाने की शिकायत की थी ,परन्तु आज 3 महीने का समय होने को आया है, पर प्रशासन आज तक इस प्लांट यूनिट को आबादी क्षेत्र से दूर नही लगवा पाया है ।
अमन ने बताया कि जब यह प्लांट कंपनी द्वारा चलाया जाता है तो पूरे क्षेत्र में धुंआ ही धुआं हो जाता है। जिस से हार्ट के मरीजों को सांस लेने में परेशानी आ रही है। जो आने बाले समय में उन लोगों को मौत के द्वार तक ले जा सकती है।
उन्होंने बताया कि इस विषय के बारे दोवारा फिर उपमंडल अधिकारी ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह से इस प्लांट को हटाने का आह्वान किया तो उन्होंने बताया कि कंपनी बालों ने लिखकर दिया है की हम इस प्लांट को नही चला रहें। कंपनी बाले झूठ बोल रहे है।
शिकायतकर्ता अमन राणा ने कहा कि मैंने उपमण्डलधिकारी को वीडियो व फोटो भी भेजे जिसमे समय व दिनांक भी है। कंपनी द्वारा दिन रात प्लांट को चलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलबाड़ किया जा रहा है और प्रशासन आंखे बंद कर के देख रहा है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर उसने स्थानीय निवासियों के हस्ताक्षर करवा के उपायुक्त कांगड़ा, उपमण्डलधिकारी ज्वाली को इस लुक प्लांट को हटाने की अपील की थी मार्च 2023 में पर बड़े दुख से कहना पड़ रहा है कोई भी कार्यवाही नही की गई।
अमन राणा ने कहा कि अभी गत दिन 32 मील में हुई दुर्घटना जिसमे स्थानीय निवासी बिजली की तारों की चपेट में आने से मर गया था। उसी प्रकार प्रशासन भाली में भी इंतजार कर रहा है कि इस लुक प्लांट से लोगों को मौत हो और उनके बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़े।
यह प्लांट स्कूल से 200 मीटर भी दूर नही है, कितने घर, ढाबे इसके 500 मीटर के दायरे में हैं। फिर कैसे इसकी अनुमति प्रशासन ने दे दी। अमन राणा ने कहा कि उन्हें आशंका है कि प्रशासन के लोग भी कंपनियों के साथ मिले हुए हैं तभी उनके द्वारा इस विषय को गम्भीरता से नही लिया जा रहा।
शिकायतकर्ता अमन राणा ने बताया कि 15 जून तक प्रशासन अगर इस प्लांट यूनिट को इस आबादी क्षेत्र से हटाने के आदेश निर्माण कंपनी को नही देता है तो उन्हें न्याय पाने के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। जिसमे कंपनी व प्रशासन की मिलीभगत की कारगुजारी को उजागर किया जाएगा।
जिलाधीश डॉ निपुण जिंदल के बोल
इस बारे में जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मेरे पास ऐसी कोई भी शिकायत नहीं है। अब हिमख़बर न्यूज़ चैनल के माध्यम से जानकारी मिली है तो एसडीएम ज्वाली से इसकी रिपोर्ट ली जाएगी तथा यथासंभव कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

