प्रसूति के बाद चारपाई पर नवजात शिशु सहित घर पहुंची महिला।
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के नाहन विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए है।
जिला मुख्यालय नाहन से महज 8-9 किलोमीटर की दुरी पर स्थित सलानी कटोला पंचायत के गांव मोहलिया झमेरीरिया की महिला गायत्री पुत्र पुनीत कुमार को प्रसव के बाद नवजात शिशु सहित चारपाई पर डालकर घर तक ले जाया गया।
यह न केवल दु:खद है बल्कि व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करता है। चौंकाने वाली बात है यह कि राष्ट्रीय राजमार्ग से चंद किलोमीटर की दूरी पर यहां के ग्रामीण आदिवासियों की तरह जीवन यापन कर रहे है। सड़क अधोसरचना की कमी विडंबना से कम नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार 3 किलोमीटर चलने के बाद सड़क तक पहुंचा जाता है। पुल न होने और सड़क मार्ग की कमी के कारण मरीजों को सड़क तक लाने के लिए कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ता है, जो बरसात के दिनों में और भी मुश्किल हो जाता है।
बीते दिनों प्रसूता को भी चारपाई पर उठाकर इस रास्ते से लाया गया, जो बेहद खतरनाक और थकाऊ था। ऐसे में महिला को पीड़ा का सामना भी करना पड़ा। ग्रामीणों ने कई बार पुल और पक्की सड़क बनाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
यह स्पष्ट संकेत देता है कि नाहन विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार की तत्काल जरूरत है। सरकार और प्रशासन को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और लोगों को सुरक्षित व समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
वर्तमान विधायक अजय सोलंकी ने कई मौकों पर दावा किया है कि क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। इसी तरह पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी अपने कार्यकाल में विकास कार्यों की व्यापकता का जिक्र करते रहे हैं।
लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अभी भी बेहद पिछड़ी हुई है और विकास के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।