प्रशिक्षुओं ने मनाया विश्व जल दिवस, जानी भूमिगत जल की महता

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शाहपुर – नितिश पठानियां

द्रोणाचार्य शिक्षण स्नातकोत्तर महाविद्यालय रैत में द्रोणाचार्य पर्यावरण क्लब की ओर से विश्व जल दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में डॉ बीएस पठानिया ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की वहीं कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर हुई ।

इस बार की जल दिवस की थीम “एक्सलरेटिंग चेंज “रही। वहीं जल दिवस पर पानी के गिरते स्तर पर मंथन किया गया और पीपीटी के माध्यम से तथ्यों को रखा गया । जिसमें सहायक आचार्य शिखा कौंडल ने रिसोर्स पर्सन के रूप में भूमिका अदा की।

वहीँ महाविद्यालय के चारों सदनों के विद्यार्थियों ने जल दिवस के महत्व इतिहास और जल संरक्षण के बारे में बताया । वहीँ डॉ बीएस पठानिया ने बताया कि जल की जीवन है क्योंकि इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। दुनिया भर में कई ऐसे हिस्से हैं जहां पानी की कमी बनी रहती है।

तेजी से बढ़ती फैक्ट्रियां और जनसंख्या के चलते पानी का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल होने लगा है। दुनिया में लोग जाने अनजाने में पानी की बर्बादी करते हैं और बहुत जल्द सभी को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। दुनियाभर में लोग पानी का महत्व समझे।

उन्होंने कहा कि हमारे पिता ने जिस तरह पानी के महत्व को समझा और उन्होंने वहां भू जल को संरक्षित किया। आज हम उस पानी को पीते हैं। इस तरह सभी ऐसा करें तो जल बचाया जा सकता है।

वहीँ प्राचार्य डॉ प्रवीण कुमार शर्मा ने कहा की इस दिवस का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को जल से संबंधित मुद्दों पर अधिक जानकारी प्राप्त करने के साथ ही बदलाव के लिये कार्रवाई हेतु प्रेरित करना है। जबकि जल, ग्रह के लगभग 70% हिस्से को कवर करता है, मीठे पानी की मात्रा केवल लगभग 3% है, जिसमें से दो-तिहाई जमा हुआ या दुर्गम और उपयोग के लिये अनुपलब्ध है।

ये तथ्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि जल एवं स्वच्छता हेतु किये जाने वाले उपाय गरीबी में कमी, आर्थिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के लिये महत्त्वपूर्ण हैं।

ये रहे उपस्थित

इस मौके पर महाविद्यालय कार्यकारी निदेशक डॉ बीएस पठानिया, प्राचार्य डॉ प्रवीण कुमार शर्मा, एचओडी सुमित शर्मा, सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा I

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