प्रलयकारी गैस संकट की ओर दुनिया, 5 साल तक खड़ा नहीं हो पाएगा विश्व का सबसे बड़ा LNG सेंटर

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हिमखबर डेस्क

दुनिया प्रलकारी संकट की ओर बढ़ रही है। अमरीका, इजरायल व ईरान युद्ध अगर जल्द समाप्त नहीं हुआ था, दुनिया में गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। कतर में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा द्रवीकृत प्राकृतिक गैस निर्यात केंद्र रास लाफान परिसर का एक हिस्सा बंद हो गया है, जिसकी मरम्मत में ही लगभीग पांच साल लग जाएंगे।

उधर, रूसी विदेश मंत्रालय ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न स्थिति के संबंध में कहा कि मास्को अमरीका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ बिना उकसावे वाले आक्रमण से उत्पन्न शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान करता है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि मॉस्को लगातार मित्र अरब देशों और ईरान के बीच शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं पड़ोसी देशों के साथ सहअस्तित्व वाली परिस्थितियां बनाने की आवश्यकता की वकालत करता है।

बयान में कहा गया कि हम इस बात पर बल देते हैं कि इस दिशा में पहला कदम अमरीका और इजऱायल द्वारा अपने सैन्य अभियान का तत्काल त्याग होना चाहिए। मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की कि रूस इस क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थायी स्थिरता प्राप्त करने के लिए वहां स्थित सभी देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए, राजनीतिक एवं राजनयिक माध्यमों से संघर्ष को सुलझाने और मौजूदा विवादों का समाधान खोजने में सहायता करने के लिए तत्पर है।

गुटेरेस ने वैश्विक परिणामों की दी चेतावनी

ब्रुसेल्स। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमरीका और इजऱायल से ईरान युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया और सैन्य कार्रवाई के स्थान पर कूटनीति अपनाने पर बल दिया। यूरोपीय परिषद की बैठक के दौरान यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री गुटेरेस ने कहा कि इस युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजऱायल द्वारा शुरू किए गए इस संघर्ष का पूरी तरह से बेकाबू होने का खतरा है, साथ ही नागरिकों को भारी पीड़ा पहुंच रही है। श्री गुटेरेस ने यह भी कहा कि युद्ध का प्रभाव युद्धक्षेत्र से कहीं अधिक दूर तक फैल रहा है।

उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे दुष्प्रभाव की चेतावनी दी, जिसके संभावित रूप से दुखद परिणाम हो सकते हैं, विशेष रूप से सबसे कम विकसित देशों के लिए। उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि युद्ध पर कूटनीति विजय प्राप्त करे।

रास लाफान एलएनजी हब की मरम्मत में लग सकते हैं पांच साल

कतर में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) निर्यात केंद्र रास लाफान परिसर पर हुए हमलों के कारण इस केंद्र का एक हिस्सा बंद हो गया है और नुकसान की मरम्मत में पांच साल तक का समय लग सकता है। यह जानकारी ब्लूमबर्ग ने अपने रिपोर्ट में दी।

रिपोर्ट के अनुसार एलएनजी हब प्रत्येक सप्ताह बिजली कटौती का मतलब है कि सिडनी जैसे शहर को एक वर्ष तक बिजली देने के बराबर ऊर्जा का नुकसान होना। ब्लूमबर्ग के अनुसार कई देश अपनी गैस खपत के एक चौथाई से अधिक के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाली आपूर्ति पर निर्भर हैं, जिसका मतलब है कि यह संघर्ष भी वैश्विक बाजारों को वर्षों तक के लिए प्रभावित कर सकता है।

विश्लेषक सॉल कावोनिक ने कहा कि हम अब एक प्रलयकारी गैस संकट की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि युद्ध समाप्त होने के बाद भी एलएनजी की आपूर्ति में महीनों या वर्षों तक व्यवधान जारी रह सकता है। एशिया के कुछ हिस्सों में पहले से ही कमी दिखने लगी है जहां उर्वरक से लेकर कांच उत्पादन तक विभिन्न उद्योगों में एलएनजी का व्यापक रूप से उपयोग होता है।

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