प्रदेश में बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था को लेकर एबीवीपी ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन

--Advertisement--

प्रदेश में बिगड़ी क़ानून व्यवस्था 48 घण्टों में 3 हत्याएं, कोटशेरा महाविद्यालय में एबीवीपी के कार्यकर्ता का निष्कासन एक हफ़्ते में बहाल नहीं किया तो होगा आंदोलन, कोटशेरा महाविद्यालय की अनुशासन समिति का भेदभाव नहीं रुका तो परिषर में जड़ेंगे ताले

शिमला – नितिश पठानियां

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर इकाई ने आज प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था वह कोटशेरा महाविद्यालय भेदभाव में हुए प्रशासन के द्वारा अपनाएं गए भेदभाव पूर्व रवैये के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर धरना प्रदर्शन किया।

आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर इकाई ने हिमाचल प्रदेश में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था को लेकर व कोटशेरा महाविद्यालय में हुए उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर धरना प्रदर्शन किया इसमें शिमला महानगर इकाई के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

शिमला महानगर मंत्री अंकुश वर्मा ने कहा की हिमाचल प्रदेश सरकार जहां एक तरफ अपने 1 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने का जश्न मना रही है वहीं पूरे प्रदेश भर में कानून व्यवस्था की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है , प्रदेश में आपराधिक मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं ऐसे ऐसे मामले देवभूमि हिमाचल प्रदेश में हो रहे हैं जो की बहुत दुर्भाग्यपूर्ण एवं हिमाचल जैसे शांतिप्रिय प्रदेश की शांति को भंग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटे में हिमाचल प्रदेश में तीन हत्याएं हो चुकी है और अगर बात करें पूरे 1 वर्ष की तो एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 8% आपराधिक मामलों में बढ़ोतरी हुई है और प्रदेश सरकार अपने एक वर्ष पूर्ण होने का जश्न मना रही है।

धर्मशाला में 12 तारीख को सामने आए मामले ने पूरा प्रदेश जकझोर कर रख दिया है लाहौल स्पीति से 12वीं कक्षा में पढ़ रही छात्रा जो किराए के कमरे में रहती थी उसकी संदिग्ध रूप से हत्या हो जाना अत्यंत शर्मनाक है और देवभूमि में इस तरह की घटना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जोकि कानून व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़ी करती है।

शिमला महानगर मंत्री अंकुश वर्मा ने कहा कि यदि इन घटनाओं के ऊपर संज्ञान नहीं लिया गया तो विद्यार्थी परिषद पूरे प्रदेश भर में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था को लेकर उग्र प्रदर्शन करेगी।

कोटशेरा महाविद्यालय के इकाई उपाध्यक्ष यश ठाकुर ने कहा की कोटशेरा महाविद्यालय में अनुशासन समिति का भेदभाव पूर्ण रवैया अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है जहां विद्यार्थी परिषद एक तरफ अनुशासन समिति के निर्णय का सम्मान करते हुए आगे बढ़ रही है, वहीं अनुशासन समिति विद्यार्थी परिषद के साथ भेदभाव कर रही है।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन में महाविद्यालय में हो रही हिंसाओं को रोकने में नाकामयाब रहा है और इस अपने नाकामयाबी को छुपाने के लिए अब विद्यार्थी परिषद की कार्यकर्ता को एक वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है जिसका विद्यार्थी परिषद अत्यंत विरोध करती है।

जहां एक तरफ महाविद्यालय अनुशासन समिति कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई को बचाने का प्रयास कर रही है वही विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता जिन्होंने उनके कार्रवाई का सम्मान किया अब उनके कार्यकर्ताओं को निष्कासित कर दिया है।

यश ठाकुर ने कहा कि 7 नवंबर को महाविद्यालय में हुई हिंसा की सारी वीडियो हमारे पास है जिन वीडियो में पुलिस ने एनएसयूआई एवं एसएफआई के कार्यकर्ताओं को हिंसा करते हुए पकड़ा है और और बाद में उन्हें छोड़ दिया हमारे पास यह भी वीडियो है कि जिसमें महाविद्यालय का एक लिपिक हिंसा में संलिप्त है। महाविद्यालय प्रशासन उनके ऊपर कारवाई ना करते हुए सिर्फ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के ऊपर कारवाई की है।

उन्होंने धरने के माध्यम से महाविद्यालय प्रशासन को चुनौती दी है कि यदि एक हफ्ते के अंदर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता का निष्कासन वापस नहीं लिया तो विद्यार्थी परिषद कोटसेरा महाविद्यालय में ताला जड़कर उग्र आंदोलन करेगी तथा महाविद्यालय प्रशासन को उच्च न्यायालय में पेश करेगी, जिसके संपूर्ण जिम्मेदार महाविद्यालय की अनुशासन समिति एवं समस्त कॉलेज का प्रशासन रहेगा।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

शातिरों के जाल में फंसा व्यक्ति, APK फाइल पर क्लिक करते ही हजाराें रुपए का लग गया चूना

हिमखबर डेस्क  साइबर थाना नोर्थ जोन धर्मशाला के तहत ऑनलाइन...