कंपनी बंद, पर बाजार में बिक रहे उत्पाद।
धर्मशाला – राजीव जसबाल
दक्षिण भारत की साल 2020 में बंद हो चुकी एक कंपनी का एक्सपायर्डं उत्पाद आज भी हिमाचल के बाजारों में नजर आया है। थंडर नाम का यह प्रोडक्ट वंडर साबित हो रहा है।
यह कंपनी की कारस्तानी है या नक्कालों की और या फिर स्टॉकिस्ट की, यह तो जांच के बाद ही इसका खुलासा हो सकता है।
हालांकि कंपनी के इस उत्पाद के रैपर पर अंकित टोल फ्री नंबर पर संपर्क करने पर बताया गया कि यह कंपनी 2020 में ही काम करना बंद कर चुकी है।
इस संदर्भ में खाद्य आपूर्ति विभाग ने यह मामला फूड सेफ्टी से संबंधित होने के चलते फूड इंस्पेक्टर से इस बावत बात करने की सलाह दी।
तो वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने इस मामले के उनके विभाग से संबंधित न होने की बात कहते हुए यह मामला लेवलिंग तथा नापतोल विभाग या उपभोक्ता अदालत से संबंधित होने की बात कही।
कुल मिलाकर यह मामला आखिर किस विभाग से संबंधित है, इसका अंदाजा ही सरकारी तंत्र नहीं लगा पा रहा है, तो फिर आम उपभोक्ता क्या पता होगा।
दक्षिण भारत की इस कंपनी के उत्पाद कांगड़ा जिला मुख्यालय में बिक रहे हैं। उक्त कंपनी तीन साल पहले बंद हो चुकी है।
तमिलनाडू के वेल्लूर स्थित स्टार एंटर प्राइजेज नामक की कंपनी की चूहे मारने की दवाई थंडर पर पहले उत्पादन तिथि 2016 तथा एक्सपायरी तिथि 2019 अंकित थी, जबकि इस पर काला निशान लगा कर, इसकी उत्पादन तिथि 2019, तो एक्सपायरी तिथि 2023 कर दी गई है।