
शिमला, जसपाल ठाकुर
महामारी व कोरोना कफ्र्यू की वजह से प्रदेश में 75 प्रतिशत महिलाएं तनाव से ग्रसित है। एकाएक बेराजगारी हो जाने की वजह से घर को कैसे चलाएं यह सबसे बड़ी परेशानी महिलाओं के लिए आज के समय में आ गई है। इसके अलावा कई महिलाएं सोशल मीडिया की प्रताडऩा से भी परेशान हो गई है। महिला आयोग की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
अहम यह है कि दो माह से कोर्ट भी बंद है। घर पर होने वाले अत्याचारों के बारे में भी महिलाएं शिकायतें नहीं कर पा रही है। यही वजह है कि अब महिला आयोग ने कोरोना की दूसरी लहर में तीन नए व्हाट्सऐप नंबर जारी किए है। इन नंबरों से महिलाएं ऑनलाइन शिकायतें कर सकती है। हांलाकि पिछले दो माह से ऑनलाइन जो शिकायतें आई है, उसे कंपाइल तो नहीं किया गया है, लेकिन आयोग की अध्यक्ष डेजी ठाकुर का कहना है कि 70 प्रतिशत शिकायतें अब साइबर क्राइम से जुड़ी आ रही है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया जिसमें फेसबुक व व्हाट्सऐप पर गंदी फोटो भेजकर ब्लैकमेलिंग की जा रही है।
यहां तक कि शादीशुदा महिलाओं को भी सोशल मीडिया के माध्यम से गलत मैसेज भेजे जा रहे हं। आयोग का दावा है कि इस बार कोरोना कफ्र्यू में महिलाओं को मैसेज कर ब्लैकमेलिंग की जा रही है। इन शिकायतों को पुलिस के हवाले किया जा रहा है। बता दें कि महिला आयोग की अध्यक्ष डाक्टर डेजी ठाकुर ने प्रदेश महिला पुलिस स्टेशन का दौरा किया। निरीक्षण करने के बाद अध्यक्ष ने कहा कि सभी पुलिस कर्मी बहुत ही उत्तम कार्य कर रहे हैं।
साथ ही उन्होंने महिला आयोग की परामर्शदाता के फोन नंबर भी स्टाफ के साथ साझा किए, ताकि यदि किसी केस में काउंसिलिंग की आवश्यकता होती है, तो आयोग उनके लिए हमेशा प्रस्तुत है। लेकिन कोरोना की महामारी में आम महिलाएं विभिन्न समस्याओं से ग्रसित हैं। महिला आयोग ने निर्देश दिए है कि सभी प्रकार की शिकायतों को सम्मान देकर कुशलतापूर्वक निपटाया जाए।
महिला आयोग के व्हाट्सऐप नंबर
महिला आयोग की ओर से तीन व्हाट्सऐप नंबर जारी किए गए है। इसके साथ ही अब ऑनलाइन समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। आयोग द्वारा 98055-20097, 98055-20079, 97360-11071 ये नंबर जारी किए गए हैं।
