
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल में डेढ़ लाख से ज्यादा पेंशनर्जको राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पेंशनरों के साथ हुई जेसीसी की बैठक में लाइफ सर्टिफिकेट को अटेस्ट करने के लिए पंचायत स्तर पर सुविधा देने की मांग उठी थी। इस मांग को पूरा करने के लिए अब वित्त विभाग ने पंचायत सचिव को भी यह शक्तियां दे दी हैं।
यानी अब पेंशनर्ज का लाइफ सर्टिफिकेट पंचायत सचिव प्रमाणित कर सकेंगे। इस महीने पेंशनर्ज के साथ जेसीसी की बैठक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की थी। इस बैठक को राज्य कर्मचारी एवं पेंशनर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने करवाया था। इसमें पेंशनर्ज के एजेंडा के साथ मुख्यमंत्री और सरकार ने अपनी ओर से लाइफ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को आसान करने का आश्वासन दिया था।
हालांकि बैठक में वित्त विभाग ने इस सर्टिफिकेट की लीगल वैल्यू को देखते हुए अन्य विभागों को यह अधिकार देने से इनकार कर दिया था और कहा गया था कि एनआईसी इस बारे में एक सॉफ्टवेयर तैयार करेगा, जो ट्रेजरी के साथ अन्य विभागों को अटेस्टेशन के लिए अधिकार देगा, लेकिन अब विशेष सचिव वित्त रोहित जम्वाल की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि पंचायत सचिव भी लाइफ सर्टिफिकेट की अटेस्टेशन कर सकेंगे।
इससे पहले यह अधिकार या तो ट्रेजरी के पास था या फिर कुछ बैंक भी पेंशनर के सामने खड़ा होने पर प्रमाण पत्र को अटेस्ट कर रहे थे, लेकिन अब यही सुविधा पंचायत में ही मिल जाएगी।
कर्मचारी एवं पेंशनर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने यह आदेश जारी करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के पेंशनरों के लिए यह अतिरिक्त सुविधा हो जाएगी।
