ब्यूरो – रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पदों की लिखित परीक्षा के प्रश्न पत्र के लीक होने के मामले में बिजली बोर्ड के धौलाकुआं में तैनात कनिष्ठ अभियंता (JE) सहित कनिष्ठ कार्यालय सहायक (JOA) की गिरफ्तारी हुई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बिजली बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता को इस बात की जानकारी थी कि प्रश्नपत्र लीक हुआ है। इसकी सौदेबाजी दलाल के माध्यम से की जा सकती है।
सूत्रों का कहना है कि बिजली बोर्ड के जेई ने ये जानकारी प्रारंभिक शिक्षा विभाग में अधीक्षक के पद पर तैनात रमनदीप से शेयर की।
इसके बाद रमनदीप व कनिष्ठ कार्यालय सहायक ही दो अभ्यर्थियों को लेकर ट्राइसिटी में उस ठिकाने तक पहुंचे थे, जहां हरियाणा के रहने वाले दलाल ने अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र दिखाया था।
ये भी जानकारी मिली है कि परीक्षा के बाद दलाल को 7 लाख की राशि भी अदा की गई। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं है,
लेकिन बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग के अधीक्षक ने ही इस बात का खुलासा किया था कि अभ्यर्थियों तक प्रश्न पत्र कैसे पहुंचा था।
अभ्यर्थियों के साथ बिजली बोर्ड का कनिष्ठ कार्यालय सहायक भी ट्राइसिटी गया था। जानकारों का कहना है कि ये गिरफ्तारियां पुलिस ने शुक्रवार-शनिवार की रात कर ली थी, लेकिन इसे गोपनीय रखा गया, ताकि इस चेन में शामिल आरोपियों को भी दबोचा जा सके।
मंगलवार को तीनों ही आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधीक्षक को तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला था, जबकि बिजली बोर्ड के जेई ईश्वेंद्र दहिया व कनिष्ठ कार्यालय सहायक जय प्रकाश को अदालत ने तीन दिन का रिमांड दिया था।
ये भी जानकारी है कि तीनों ही आरोपियों ने पेपर लीक मामले में अपनी संलिप्तता की बात को कबूला है। तीनों ही आरोपी डीम्ड सस्पेंड भी हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 48 घंटे से अधिक गिरफ्तार रहने की स्थिति में सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को डीम्ड सस्पेंड मान लिया जाता है।
उधर, सूत्रों का ये भी कहना है कि कनिष्ठ अभियंता की धौलाकुआं में करीब एक साल से तैनाती है, जबकि कनिष्ठ कार्यालय सहायक 2021 में नियमित हो गया था।
उधर, बिजली बोर्ड के पांवटा साहिब स्थित अधिशाषी अभियंता अजय चौधरी ने कहा कि अनौपचारिक तौर पर कनिष्ठ अभियंता ईश्वेंद्र दहिया व कनिष्ठ कार्यालय सहायक जय प्रकाश की गिरफ्तारी की सूचना मिली है।
पुलिस से लिखित सूचना मिलते ही अगली कार्रवाई की जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जेई व जेओए को डीम्ड सस्पेंड समझा जा सकता है।
उधर सिरमौर के पुलिस अधीक्षक ओमापति जम्वाल ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। एसपी ने कहा कि जांच में ये सामने आया है कि कनिष्ठ अभियंता को इस बात की जानकारी थी कि प्रश्न पत्र कहां उपलब्ध हैं।