
दुराना- राजेश कुमार
पुलिस चौकी कोटला जोकि 1926 में अस्तित्व में आने उपरांत आज भी पुलिस चौकी के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। जबकि इसके बाद बनी पुलिस चौकियां पुलिस थानों के रूप में तब्दील हो चुकी हैं।
पुलिस चौकी कोटला को पुलिस थाना का दर्जा दिया जाना इसलिए जरूरी है कि पुलिस चौकी के अधीनस्थ कोटला बैल्ट की पंद्रह पंचायतों का जिम्मा है और नैशनल हाइवे पर होने के कारण आए दिन बढ़ती सड़क दुर्घनाओं का जिम्मा भी पुलिस चौकी कोटला को निभाना पड़ रहा है।
अतः इसके अलावा कोटला बैल्ट की पंद्रह पंचायतों के बाशिंदों को पुलिस थाना संबंधी कार्यों को लेकर जबाली के चक्कर काटने से समय और पैसों की मार भी झेलना पड़ती है।
इस बार माननीय मुख्यमंत्री जी के कोटला बैल्ट दौरे पर पुलिस चौकी कोटला को पुलिस थाना का दर्जा मिलने की काफी उम्मीदें जगी थी। लेकिन इस बार भी पुलिस चौकी कोटला को पुलिस थाना का दर्जा न मिलने से कोटला बैल्ट की पंद्रह पंचायतों के बाशिंदों को निराशा ही हाथ लगी है।
