सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के छोटे से गांव भटोड़ी के होनहार युवा अमित ने वह कर दिखाया है, जो लाखों युवाओं का सपना होता है। अमित ने देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा, यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) को AIR-809 के साथ उत्तीर्ण किया है।
अमित की यह सफलता कोई साधारण कहानी नहीं है। यह एक ऐसी गाथा है, जिसमें असीम धैर्य, अटूट संकल्प और कठिन परिश्रम की मिसाल छिपी है। जीवन में अनेक कठिन मोड़ आए, लेकिन अमित ने कभी हार नहीं मानी। वर्ष 2023 में अमित ने अपने जीवन के सबसे बड़े सहारे को खो दिया।
महज 48 वर्ष की आयु में दिल के दौरे पड़ने से अमित के पिता का निधन हो गया। यह उनके लिए असहनीय आघात था। लेकिन अमित ने खुद को मजबूत चट्टान की तरह संभाला और अपनी दृष्टि सिर्फ अपने लक्ष्य पर टिकाए रखी।
अमित की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने होटल मैनेजमेंट में कदम रखा और साथ ही ग्रेजुएशन भी पूरी की। आर्थिक हालात अच्छे न होने के चलते कॉलेज की पढ़ाई नियमित नहीं हो सकी, लेकिन हार नहीं मानी।
परिवार की जिम्मेदारियों के चलते अमित ने निजी क्षेत्र में नौकरी शुरू की। इसी बीच उन्होंने विवाह भी कर लिया और दो बेटों के पिता बने। बढ़ती जिम्मेदारियों के बावजूद, उन्होंने अपने सपनों को मरने नहीं दिया। अब उम्र 33 वर्ष की हो चुकी थी। बढ़ती उम्र के साथ-साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ रही थीं और परीक्षा को पास करने के मौके भी कम होते जा रहे थे।
लेकिन कहते हैं, जब किसी चीज को सच्चे दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे पाने में आपकी मदद करती है। अमित के साथ भी यही हुआ। अमित ने UPSC परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 809वीं रैंक प्राप्त की। रिजल्ट के बाद कुछ तकनीकी त्रुटियों के चलते परिणाम स्पष्ट नहीं हो पाया था।
लेकिन दिल्ली जाकर आयोग से पुष्टि कर अमित ने सारे संदेह दूर किए। जैसे ही यह खुशखबरी सामने आई, पूरे सिरमौर और हिमाचल में खुशी की लहर दौड़ गई। अमित के चाचा आत्मा राम शर्मा ने बातचीत में बताया कि वह अमित की सफलता से बेहद खुश हैं।
अमित की कहानी यह संदेश देती है कि कठिनाइयाँ चाहे जितनी भी हों, अगर सच्ची लगन और मेहनत हो, तो सफलता निश्चित है। आज अमित लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।