
शिमला – नितिश पठानियां
राज्य में अब पान मसाला और इसके साथ पती बेचना व भंडारण करना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। गुटखा प्रतिबंधित करने के बाद निर्माता कंपनियां पान मसाला और तंबाकू की पती को अलग-अलग बेच रही है। ऐसे में इसे और पान मसाला या सुपारी, खैनी, मशेरी, जर्दा आदि बेचना और स्टोर करना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है।
राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है और यदि कोई इसे बेचता और भंडारण करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फूड सेफ्टी आयुक्त और स्वास्थ्य सचिव की ओर से जारी अधिसूचना के तहत तंबाकू, जिसमें गुटका या पान मसाला, सुगंधित/ चबाने वाला पान मसाला या सुपारी, खैनी, मशेरी, जर्दा, आदि किसी भी नाम से जाने जाते है, वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
बताया गया है कि गुटका एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसमें पान मसाला होता है और आजकल तंबाकू, निकोटिन और मैग्नीशियम कार्बोनेट संघटक के रूप में होता है। पान मसाला में एक संघटक के रूप में मैग्नीशियम कार्बोनेट होता है, जो इस नियम की अवहेलना करता है।
राज्य सरकार की स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त एम.सुधा देवी ने विनियम 2.3 के साथ पठित अधिनियम की धारा 30 की उप-धारा 2 के खंड (क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त विनियमों के 4 और 3.1.7 के तहत गुटका या पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि तुरंत प्रभाव से एक वर्ष की अवधि के लिए पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया जाता है।
