
पांवटा साहिब, 11 फरवरी – नरेश कुमार राधे
खाकी ने देवदार की लकड़ी की तस्करी का पर्दाफाश किया है। शनिवार तड़के पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान उत्तराखंड की पिकअप (UK07CA-3310) को रोका।
गाड़ी के चालक ने पूछने पर अपनी पहचान राज रावत पुत्र प्रताप बताई। पिकअप के पिछले हिस्से को नीले रंग की तिरपाल से ढका गया था।
मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने चालक को चैंकिंग करवाने को कहा तो चालक गाड़ी से उतरकर हरियाणा की तरफ जंगल में भाग गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने पाया कि पिछला हिस्सा लकड़ी के स्लीपर से भरा हुआ था।
इसकी सूचना पुलिस ने वन विभाग को दी। डिप्टी रेंजर सचिन शर्मा टीम सहित मौके पर पहुंचे। वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिकअप में देवदार की लकड़ी के 34 नग लदे हुए थे।
विभाग ने लकड़ी की कीमत 2 लाख 67 हजार 400 रुपए आंकी है। खुले बाजार में ये कीमत इससे ज्यादा भी हो सकती है। जानकारों के मुताबिक बेशकीमती देवदार की लकड़ी की कीमत इस बात पर भी निर्भर करती है कि इसे कहां बेचा जा रहा है।
डीएसपी रमाकांत ठाकुर ने पुष्टि करते हुए कहा कि आईपीसी की धारा-379, 411 के अलावा वन संरक्षण अधिनियम की धारा 41 व 42 के तहत पांवटा साहिब थाना में मामला दर्ज किया गया है।
