
भडियाड़ा में गज खड्ड किनारे भू-स्खलन से 40 मीटर सडक़ का हिस्सा ध्वस्त
कांगड़ा – राजीव जसबाल
कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांव भडियाड़ा में गज खड्ड किनारे भू-स्खलन से सडक़ टूट गई है। इससे सैकड़ों लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। बारिश के बीच हुए भू-स्खलन ने करीब 40 मीटर सडक़ को ध्वस्त कर दिया है।
इससे भडियाड़ा, बैदी, मैहरना, खडियाड़ा के हजारों ग्रामीणों का संपर्क कट गया है। भडियाड़ा में लैंड स्लाइडिंग वाला स्पॉट सनौरा से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है। यह सडक़ सनौरा, मैहरना, भडियाड़ा से होते हुए राजोल व लदवाड़ा को जोड़ती है।
रैत-गगल के बीच अगर किसी कारण राष्ट्रीय उच्च मार्ग अवरुद्ध होता है, तो यह सडक़ वैकल्पिक मार्ग का काम करती है।
स्थानीय ग्रामीण उधम सिंह डढवाल ने कहा कि गज खड्ड में अवैध खनन होने के कारण भडियाड़ा में हर साल भू-स्खलन हो रहा है। यह भू-स्खलन लगातार आगे बढ़ रहा है। सरकार और माइनिंग विंग ने अगर इस तरफ ध्यान न दिया, तो गज खड्ड से सटे गांवों को खतरा पैदा हो जाएगा।
इस बारे में जिला परिषद चेयरमैन रमेश बराड़ ने प्रदेश सरकार व लोक निर्माण विभाग से मार्ग को जल्द बनाने की मांग उठाई है।
रोड किनारे लगाए जाएं चेतावनी बोर्ड
क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों मोहन सिंह, विनय, जगपाल, जगीर सिंह, रविंद्र सिंह, मदन मोहन, ईश्वर सिंह आदि ने कहा कि इस रोड किनारे लोक निर्माण विभाग को बड़े-बड़े चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिएं रात के समय अगर कोई गाड़ी आती है, तो वह सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरेगी।
विभाग को चाहिए कि प्राथमिकता के आधार पर इस मार्ग को ठीक किया जाए। दरअसल यह क्षेत्र कांगड़ा हलके में आता है, जबकि खड्ड के पार शाहपुर हलका है।
लोगों का आरोप है कि खड्ड में लगातार अवैध खनन होता है। इसी कारण सैकड़ों मीटर ऊंची पहाड़ी लगातार धंस रही है।
इस सडक़ की लंबाई महज दस किलोमीटर तक है, लेकिन एनएच बंद होने की सूरत में अब इन इलाकों के लोगों वाया लंज-32 मील होकर जाने से करीब चालीस किलोमीटर का फेर पड़ेगा।
