पथिक- वह जो पथ पर चल रहा हो। वह जो किसी लक्ष्य तक पहुँचने के लिए प्रयत्नशील हो।

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लेखक – राजीव डोगरा (भाषा अध्यापक), गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा, पता-गांव जनयानकड़, पिन कोड -176038, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, 9876777233, rajivdogra1@gmail.com

पथिक हो? फिर विराम क्यों ?
चलना तेरा काम है फिर आराम क्यों?

पथिक हो? फिर पथ पर पड़े
कंकरओं से तुमको भय क्यों?

पथिक हो? फिर पथ पर
चलने से तुम को थकावट क्यों?

पथिक हो? फिर हार जाने के
डर से तुम को घबराहट क्यों?

मौलिकता प्रमाण पत्र

मेरे द्वारा भेजी रचना मौलिक तथा स्वयं रचित जो कहीं से भी कॉपी पेस्ट नहीं है।

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