
मंडी – नरेश कुमार
जालपा माता मन्दिर कोट टिहरा मे चले श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन कि कथा में व्यासपीठ पर विराजमान रमन शर्मा ने स्त्री की महानता एवम् पतिव्रता धर्म का महत्व बताते हुए कहा कि पतिव्रता के लिए इस संसार में कोई भी कार्य असंभव नहीं है।
रमन शर्मा ने उदहारण देते हुए कहा की जिस तरह से माता अनसुईया ने अपने पति व्रता धर्म निभाते हुए त्रिदेवो (ब्रम्हा विष्णु महेश) को भी छोटे छोटे बच्चे बनाकर अपना दूध पिलाकर पालने में झुलाया तथा अंत में शोम, दतात्रे तथा दुर्वासा जैसे महान पुत्रो की जननी बनी।
इस के साथ साथ रमन शर्मा ने ध्रुव चरित्र व गंगा महात्म्य पर प्रकाश डाला। जिसमे गांव के लोगो व आस पास से आए हुए भक्तो ने आस्था के सागर में डुबकी लगाई और लंगर मे प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर कमेटी के प्रधान धर्म सिंह सचिव धर्म पाल व कमेटी के सदस्यो ने सभी गाववासियो से यूं ही आकर अपनी हाजरी लगाने को कहा।
