रोजाना स्कूल-कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों के बच्चों को पैदल सफर करना पड़ता है। रोजमर्रा के कार्यों के लिए जाने वालों को भी या तो नीजि वाहनों का सहारा लेना पड़ता है या फिर पैदल यात्रा करनी पड़ती है।

ग्रामीणों ने सरकार से गुहार लगाई है कि सुंदरनगर-गुरूकोठा वाया घड़यातर सड़क पर सिर्फ सुबह-शाम ही नहीं, बल्कि दिन के समय में भी बस सेवा शुरू की जाए और नीजि बसों को भी इस रूट पर चलने के लिए प्रेरित किया जाए।